Amarnath yatra 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होने वाली अमरनाथ यात्रा की प्रथम पूजा को इस बार भी पवित्र गुफा में आयोजित किया गया। तीन जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा से पहले सोमवार को पवित्र में प्रथम पूजा की गई। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने सबसे पहले अमरनाथ गुफा के दर्शन किए और विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है। लेकिन परंपरा के अनुसार यात्रा शुरू होने से पहले अमरनाथ गुफा में एक विशेष पूजा अर्चना की गई। इस पूजा में जम्मू कश्मीर के उपराजपाल मनोज सिन्हा और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सभी बड़े अधिकारी मौजूद थे।

सभी लोगों के अच्छे स्वास्थ्य, प्रगति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को पवित्र अमरनाथ गुफा में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रथम पूजा कर वार्षिक अमरनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बाबा बर्फानी से देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की प्रार्थना की।

इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के सफल आयोजन के लिए प्रशासन, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस, सुरक्षाबल, स्थानीय लोग, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवक पूरी समन्वय भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। सभी का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और यादगार यात्रा का अनुभव कराना है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा के लिए आधारभूत ढांचे और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों के सहयोग से प्रशासन पूरी तरह तैयार है और बाबा अमरनाथ के भक्तों के स्वागत के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीर्थयात्रियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने पर जोर देते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और सुरक्षा प्रदान करने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। प्रथम पूजा के बाद एलजी ने कहा कि मैं बाबा बर्फानी के सभी भक्तों से अनुरोध करता हूं कि वे पवित्र यात्रा के लिए बड़ी संख्या में आएं और महादेव से जम्मू-कश्मीर और देश की प्रगति के लिए प्रार्थना करें।

एसएएसबी और प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं में सुधार किया है। पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, सीएपीएफ ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वर्ष 2019 में इसे जम्मू में संपन्न किया गया था पर जबकि वर्ष 2022 से इसे पवित्र गुफा में ही संपन्न किया जा रहा था।

अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, अमरनाथ गुफा में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा हुई। साधु-संत व विद्वानों ने हवन और आरती कर पवित्र हिमलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना की। हालांकि वर्ष 2024 में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रथम पूजा की थी।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा के लिए आधारभूत ढांचे और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों के सहयोग से प्रशासन पूरी तरह तैयार है और बाबा अमरनाथ के भक्तों के स्वागत के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीर्थयात्रियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने पर जोर देते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और सुरक्षा प्रदान करने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। प्रथम पूजा के बाद एलजी ने कहा कि मैं बाबा बर्फानी के सभी भक्तों से अनुरोध करता हूं कि वे पवित्र यात्रा के लिए बड़ी संख्या में आएं और महादेव से जम्मू-कश्मीर और देश की प्रगति के लिए प्रार्थना करें।

एसएएसबी और प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं में सुधार किया है। पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, सीएपीएफ ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वर्ष 2019 में इसे जम्मू में संपन्न किया गया था पर जबकि वर्ष 2022 से इसे पवित्र गुफा में ही संपन्न किया जा रहा था।

अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, अमरनाथ गुफा में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा हुई। साधु-संत व विद्वानों ने हवन और आरती कर पवित्र हिमलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना की। हालांकि वर्ष 2024 में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रथम पूजा की थी।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!