हरियाणा के अंबाला में उत्तर प्रदेश के एक कथित धर्मगुरु पर विधवा महिला से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपए और सोने के जेवर ठगने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि महामंडलेश्वर योगी आनंद गिरी महाराज और उसके सहयोगी ने उसके बेटे को केंद्र सरकार में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बेटे को ASO बनाने का दिया लालच
अंबाला के कालाअंब निवासी महिला सुनीता के अनुसार दिसंबर 2025 में एक रक्तदान शिविर के दौरान आनंद गिरी और उसका सहयोगी मनीष मिश्रा उनके संपर्क में आए। दोनों उनके घर भी रुके थे। इसी दौरान आनंद गिरी ने दावा किया कि उसका एक शिष्य दिल्ली में बड़ी सरकारी पोस्ट पर है और वह उनके बेटे ऋषभ बंसल को बिना परीक्षा मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल, पब्लिक ग्रिवांस एंड पेंशन में ASO पद पर लगवा सकता है।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों ने इसके बदले 10 लाख रुपए मांगे। उसने पहले 50 हजार रुपए नकद दिए, फिर उधार लेकर दो किश्तों में 10 लाख रुपए आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाया
महिला ने बताया कि 16 जनवरी 2026 को उसे बेटे सहित गाजियाबाद स्थित फ्लैट पर बुलाया गया, जहां बंद लिफाफे में एक नियुक्ति पत्र दिया गया। कागजात पूरी तरह सरकारी लग रहे थे। आरोपियों ने कुछ ब्लैंक फॉर्म पर हस्ताक्षर भी करवा लिए और कहा कि जल्द जॉइनिंग हो जाएगी।
फ्लैट पर बुलाकर उतरवाए जेवर
पीड़िता का आरोप है कि जब लंबे समय तक नौकरी नहीं लगी तो मार्च में उसे फिर दिल्ली बुलाया गया। वहां आरोपी ने कहा कि अधिकारी 5 लाख रुपए और मांग रहे हैं। पैसे न होने पर उससे सोने की अंगूठी, चेन और कानों की बालियां उतरवा ली गईं और कहा गया कि अगले दिन जॉइनिंग हो जाएगी।
नकली आधार कार्ड से खुली पोल
महिला ने बताया कि जब बेटे की नौकरी नहीं लगी तो वह दोबारा फ्लैट पर पहुंची, जहां पता चला कि आरोपी पहले ही फरार हो चुके हैं। वहां से एक नकली आधार कार्ड भी मिला। पैसे मांगने पर आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।
कई धाराओं में केस दर्ज
मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी गई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी आनंद गिरी उर्फ आनंद पंडित और मनीष मिश्रा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपियों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ बताए जा रहे हैं।
