रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़े विवाद और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा लगाए गए बैन को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच एक्टर रणवीर सिंह मैसूर स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने देवी चामुंडेश्वरी के चरणों में माथा टेका और पूजा-अर्चना की।
सूत्रों के अनुसार, रणवीर सिंह को सुबह एयरपोर्ट पर देखा गया था, लेकिन उनकी यह यात्रा गोपनीय रखी गई थी। मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने मास्क पहनकर गर्भगृह में प्रवेश किया और विधि-विधान से पूजा की। बताया जा रहा है कि यह यात्रा कर्नाटक हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद की गई।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नवंबर 2025 में गोवा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा’ के एक दैव दृश्य की नकल करते हुए रणवीर सिंह का वीडियो वायरल हुआ। इस दौरान उन्होंने उस दृश्य को लेकर टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद कन्नड़ संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई।
विवाद बढ़ने पर रणवीर सिंह ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ ऋषभ शेट्टी के रोल की प्रशंसा करना था, न कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हर संस्कृति और परंपरा का सम्मान करते हैं और अगर किसी को ठेस पहुंची हो तो वे दिल से माफी मांगते हैं।
ऋषभ शेट्टी ने पहले ही इस तरह के दृश्यों की नकल को लेकर असहजता जताई थी। उन्होंने कहा था कि दैव से जुड़े दृश्य बहुत संवेदनशील होते हैं और उनका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। मामला बढ़ने के बाद यह विवाद कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद रणवीर सिंह को बिना शर्त माफी मांगने और मंदिर में पूजा करने के निर्देश दिए गए। अभिनेता ने 26 मई 2026 को मंदिर पहुंचकर इन निर्देशों का पालन किया।


फरहान अख्तर की डॉन 3 अचानक छोड़ देने से FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज) ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। जब तक मामला नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के साथ फेडरेशन से जुड़े लोग काम नहीं कर सकेंगे। इस घोषणा के बाद इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। चंकी पांडे ने बताया है कि एक समय वो भी इस बैन का शिकार हो चुके हैं। माफी मांगने के बाद उन पर लगा बैन हटाया गया था। वहीं दूसरी तरफ FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने बैन पर सफाई दी है।
फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए।
मिडडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे, जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे।
इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 45 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है।
तब आमिर खान ने भी बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला।
बाद में ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखने के बाद फेडरेशन ने रणवीर को बैन करने का ऐलान कर दिया।
रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए।
इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है।
वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे।
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था।
मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं।
सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं।
दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है।
