4 अगस्त की रात 11:30 बजे रेलवे यार्ड में काेयले से लदी मालगाड़ी का एक रैक पटरी से उतर जाने के हादसे को दिल्ली मंडल मुख्यालय के अफसरों ने गंभीरता से लिया है। जांच के लिए शुक्रवार सुबह 9:30 बजे सीनियर डीईएन 4 आरएस दांगी, डीईएन ट्रैक दिल्ली सहित चार सदस्यीय टीम रोहतक पहुंची। अफसरों की टीम ने 5 घंटे तक डिरेलमेंट की वजह तलाशी। लाेको पायलट और गार्ड की ओर से दर्ज कराए गए लिखित बयान को भी गंभीरता से लिया।
वहीं, अधिकारियों के आने के बाद पूरे दिन क्षतिग्रस्त हुए रेलवे ट्रैक की पटरियों को बदलने का काम चलता रहा। इधर, रेलवे स्टेशन के अधिकारी ने दावा किया कि यार्ड में जिस पॉइंट पर डिरेलमेंट हुई है, इसी स्थान पर चार सालों में करीब 5 से 6 बार मालगाड़ी के पहिए पटरी से उतर चुके हैं। इसका सीधे तौर पर जिम्मेदार रेल पथ इंजीनियरिंग ब्रांच है। लेकिन एक भी घटना में किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हो सकी है। रेलवे के यातायात इंचार्ज बलबीर सिंह ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए दिल्ली से उच्चाधिकारियों की टीम आई थी। पूरे दिन रुककर उन्होंने गोपनीय रिपोर्ट तैयार की है। अभी तक डिरेलमेंट की वजह का पता नहीं चल सका है।
