दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को जननायक जनता पार्टी (JJP) ने सिरसा में जोरदार प्रदर्शन किया। जजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
DC को ही ज्ञापन देने की मांग पर अड़े
दोपहर करीब 11:50 बजे जजपा नेता और कार्यकर्ता दक्ष प्रजापत चौक से पैदल मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने मांग की कि उनका ज्ञापन स्वयं उपायुक्त (DC) ही स्वीकार करें। प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने बताया कि DC बैठक में व्यस्त हैं और अधिकारी ज्ञापन ले लेंगे, लेकिन जजपा नेता इस पर सहमत नहीं हुए।
इसके बाद सभी कार्यकर्ता लघु सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब डेढ़ घंटे तक धरना जारी रहा। बाद में DC मौके पर पहुंचे और जजपा नेताओं से ज्ञापन लेकर उनकी मांगें सुनीं, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
‘निर्दोष छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं’
जजपा के जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और पानी की बौछार करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि निर्दोष छात्रों पर लाठियां बरसाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं से देश और प्रदेश का माहौल खराब हो रहा है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
दिग्विजय चौटाला का सरकार पर हमला
जजपा के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर किसी पार्टी पदाधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक युवा और आम नागरिक के तौर पर बोल रहे हैं।
दिग्विजय ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों के साथ बर्बरता की। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाई गईं, बल प्रयोग किया गया और महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ। उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
‘सिरसा से आंदोलन की शुरुआत करेंगे’
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने घोषणा की कि सिरसा से आंदोलन की शुरुआत की जाएगी और विभिन्न छात्र संगठनों व सामाजिक संगठनों को साथ लेकर इस मुद्दे को दिल्ली तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों का मुद्दा है और दोषियों से जवाब मांगा जाएगा।
नोट: छात्रों पर लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और जांच की प्रक्रिया अलग से जारी है।
