ब्रिटिश इतिहास में सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 96 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। अब एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद उनके सबसे बड़े बेटे प्रिंस चार्ल्स ब्रिटेन के नए महाराजा होंगे। रानी के 70 साल के रिकॉर्ड तोड़ शासन के बाद अब शाही परिवार के लिए एक नया अध्याय शुरू हो गया है। मरने से पहले  महारानी एलिजाबेथ ने ऐलान किया था कि उनके बेटे प्रिंस चार्ल्‍स के राजा बनने पर कैमिला ही महारानी होंगी।

ब्रिटिश राजशाही के नियम कहते हैं कि ‘‘सम्राट या महारानी की मृत्यु के तुरंत बाद नया राजा सिंहासन का हकदार होता है’’। इसका मतलब है कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के सबसे बड़े बेटे प्रिंस चार्ल्स, उनकी मृत्यु के तुरंत बाद राजा बन गए। हालांकि, चार्ल्स के औपचारिक राज्याभिषेक में यह महीनों या उससे भी अधिक समय लग सकता है। एलिजाबेथ के मामले में अपने पिता किंग जॉर्ज षष्ठम के निधन के बाद छह फरवरी, 1952 को वह महारानी बन गई थीं लेकिन इसके 16 महीने बाद दो जून, 1953 को उनका राज्याभिषेक हुआ।

चार्ल्स के सिंहासन पर बैठने के बाद होने वाली औपचारिकताओं पर एक नजर:

– एक सम्राट की मृत्यु के 24 घंटों के भीतर ‘‘एक्सेस काउंसिल’’ द्वारा लंदन में सेंट जेम्स पैलेस में एक नए राजा की घोषणा औपचारिक रूप से जल्द से जल्द की जाती है। इसमें प्रिवी काउंसिल के अधिकारी होते हैं, जिसमें वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री, न्यायाधीश और चर्च ऑफ इंग्लैंड के नेता शामिल हैं, जिन्हें बैठक के लिए महल में बुलाया जाता है।

– संसद को फिर से सांसदों के लिए नए सम्राट के प्रति निष्ठा की शपथ लेने के लिए बुलाया जाता है।

– नया सम्राट 1707 के संघ अधिनियम के अनुसार, चर्च ऑफ स्कॉटलैंड के रखरखाव के लिए सेंट जेम्स पैलेस में प्रिवी काउंसिल के समक्ष शपथ लेगा।

– नए सम्राट की घोषणा को तब सार्वजनिक रूप से सेंट जेम्स पैलेस के साथ-साथ यूनाइटेड किंगडम को बनाने वाले चार देशों की राजधानी एडिनबर्ग, कार्डिफ और बेलफास्ट में पढ़ा जाता है।

– चार्ल्स के राजा घोषित करने के बाद सत्र के पहले दिन या राज्याभिषेक के समय, जो भी पहले हो, संसद में घोषित करना चाहिए कि वह एक आस्थावान प्रोटेस्टैंट हैं। शपथ ग्रहण घोषणा अधिनियम 1910 द्वारा अनिवार्य है।

– उन्हें 1689 के राज्याभिषेक शपथ अधिनियम, 1701 के एक्ट ऑफ सेटलमेंट और एक्सेशन डिक्लेरेशन एक्ट द्वारा निर्धारित राज्याभिषेक की शपथ भी लेनी चाहिए।

1952 के बाद पहली बार ऐसा होगा जब ब्रिटेन के राष्ट्रगान का शब्द होगा- ‘गॉड सेव द किंग’। इससे पहले गॉड सेव दे क्वीन था। बता दें कि  विलियम द कॉन्करर पहले सम्राट थे, जिन्हें वहां ताज पहनाया गया था। चार्ल्स 40वें सम्राट होंगे। इस दौरान चार्ल्स के सिर पर सोने का बना मुकुट सजाया जाएगा, जिसका वजन करीब 2.23 किलो होता है।  यह लंदन टॉवर में क्राउन ज्वेल्स का केंद्रबिंदु है।

ब्रिटिश शाही परिवार के उत्तराधिकार नियम की बात करें तो किसी युवराज के सम्राट बनते ही उसकी पत्नी को अपने आप ही महारानी का दर्जा मिल जाता है।  इस हिसाब से चार्ल्स के ब्रिटेन का नया सम्राट बनने के साथ ही कैमिली पार्कर भी उनकी पत्नी के अधिकार के नाते महारानी बन गई हैं। इस साल अपनी प्लेटिनम जुबली पर एलिजाबेथ द्वितीय ने भी ये इच्छा जाहिर की थी कि जब चार्ल्स राजा बनेंगे तो कैमिला रानी बनेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि हर कोई कैमिला का भी समर्थन करेगा। खबरें तो यह भी है कि महारानी ने अपनी बहू कैमिला को भारत में मिले कोहिनूर हीरे से जड़ा अपना अनमोल मुकुट भी दे दिया था जिसे अब वह अपने पति प्रिंस चार्ल्‍स के राजतिलक के दिन पहनेंगी।

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