पंचकूला। पंचकूला में सोमवार देर रात ताऊ देवीलाल स्टेडियम के पीछे पुलिस और बाइक सवार दो युवकों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान दोनों युवकों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब के अमृतसर जिले के गांव बोरसी निवासी अर्शदीप और गांव रूमाणाचक निवासी जुगराज के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक जिगाना और एक PX-30 पिस्टल बरामद की है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि दोनों मोहाली के एक नामी बिल्डर के कार्यालय पर फायरिंग करने जा रहे थे।
घायल आरोपियों को पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों शूटर लॉरेंस ग्रुप से जुड़े हुए हैं, हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
गुप्त सूचना के बाद लगाया गया नाका
पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक बाइक पर अवैध हथियार लेकर घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने ताऊ देवीलाल स्टेडियम के कॉर्नर पर नाकाबंदी कर दी।
बताया गया है कि पीछे की सड़क से आ रहे बाइक सवार युवकों ने पुलिस का नाका देखा तो बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी बाइक फिसल गई। पुलिसकर्मी उन्हें पकड़ने के लिए आगे बढ़े तो दोनों ने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के बाएं पैर में एक-एक गोली लगी। पुलिस ने दोनों को मौके पर ही काबू कर लिया।
मोहाली के बिल्डर के ऑफिस पर फायरिंग की थी तैयारी
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने पंचकूला से हथियारों की डिलीवरी ली थी। इसके बाद वे मोहाली के एक नामी बिल्डर के कार्यालय पर फायरिंग करने जा रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, बिल्डर को रंगदारी मांगने के लिए धमकी भरी कॉल आई थी। आरोप है कि बिल्डर के पैसे देने से इनकार करने पर दहशत फैलाने के लिए उसके कार्यालय पर गोलियां चलाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, पुलिस ने बिल्डर की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
दो पिस्टल बरामद, अर्शदीप पर पहले भी केस
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक जिगाना पिस्टल और एक PX-30 पिस्टल बरामद की है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अर्शदीप के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस अब हथियारों की सप्लाई के स्रोत और आरोपियों के संभावित आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में इनके साथ अन्य लोग शामिल हैं या नहीं।
मौके पर पहुंचे DCP क्राइम
मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद DCP क्राइम अमरिंदर सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में भर्ती आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को हथियार किसने उपलब्ध कराए थे और मोहाली के बिल्डर के कार्यालय पर फायरिंग की कथित योजना के पीछे कौन लोग शामिल थे।

