पानीपत। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार देर रात करीब 12 बजे पानीपत की गांधी मंडी स्थित एसएस जैन सभा के जैन स्थानक पहुंचे। यहां उन्होंने जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के पहुंचने के साथ ही मुनि का अभिग्रह यानी संकल्प पूरा हो गया।
जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज ने संकल्प लिया था कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं उनसे मिलने नहीं आएंगे, तब तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे और अपना व्रत नहीं खोलेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले वह चार दिन से उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे।
दरअसल, 9 अक्टूबर को आयोजित अभिग्रह महोत्सव में मुख्यमंत्री के शामिल होने का कार्यक्रम अंतिम समय में रद्द हो गया था। इसके बाद मुनि ने अपना संकल्प पूरा होने तक उपवास जारी रखने का निर्णय लिया था।
8 अक्टूबर को लिया था संकल्प
एसएस जैन सभा की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार, डॉ. राजेश महाराज ने 8 अक्टूबर को अभिग्रह लिया था। 9 अक्टूबर को संकल्प पूरा होने पर पारणा यानी उपवास खोलने का कार्यक्रम निर्धारित था। मुनि ने मुख्यमंत्री के हाथों आहार ग्रहण कर अपना संकल्प पूरा करने का निर्णय लिया था।
हालांकि, मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने के कारण मुनि का संकल्प उस दिन पूरा नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के आने तक पारणा नहीं करने का निर्णय लिया और उपवास जारी रखा।
जैन समाज ने दोबारा मुख्यमंत्री को बुलाया
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने के बाद जैन समाज की ओर से उन्हें दोबारा आमंत्रित किया गया। समाज ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक पहुंचने और मुनि का संकल्प पूरा कराने का आग्रह किया था। सोमवार देर रात मुख्यमंत्री वहां पहुंचे और मुनि से मुलाकात की।
27 साल की उम्र में ली थी दीक्षा
52 वर्षीय डॉ. राजेश महाराज ने 27 साल की उम्र में जैन धर्म की दीक्षा ली थी। उनके अनुसार, वह करीब 20 वर्षों में 2,500 अभिग्रह पूरे कर चुके हैं। जैन धर्म में किसी विशेष उद्देश्य के लिए निर्धारित नियमों और तपस्या के साथ संकल्प लेने को अभिग्रह कहा जाता है। मुनि के जीवन में तपस्या और साधना का विशेष महत्व रहा है।
3,500 से अधिक पेंटिंग और ड्राइंग बना चुके
एसएस जैन सभा से जुड़े मुनीष जैन के अनुसार, डॉ. राजेश महाराज पांच विश्व रिकॉर्ड बना चुके हैं। वह अब तक 3,500 से अधिक पेंटिंग और ड्राइंग तैयार कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने पानीपत में 20,870 लोगों से नशामुक्ति के संकल्प पत्र भरवाने की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री के देर रात जैन स्थानक पहुंचने के बाद मुनि का इंतजार समाप्त हुआ और उनका संकल्प पूरा हो गया।

