फरीदाबाद, 16 अक्टूबर 2026। हरियाणा के फरीदाबाद में विरोध प्रदर्शन के दौरान आपस में भिड़ने वाली कांग्रेस की दो महिला नेत्रियों पर पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस अनुशासन समिति ने पराग शर्मा और पूर्व महिला जिला अध्यक्ष गजना लांबा को नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा है। दोनों नेत्रियों के बीच 8 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान थप्पड़बाजी हुई थी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

अनुशासनहीनता और पार्टी की छवि खराब करने का आरोप

कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन एवं पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक की ओर से 15 अक्टूबर को जारी नोटिस में दोनों नेत्रियों के व्यवहार पर सवाल उठाए गए हैं। नोटिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान दोनों ने अमर्यादित व्यवहार किया, आपस में विवाद किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

पार्टी ने इसे संगठनात्मक अनुशासन और मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस घटना से पार्टी की छवि और आंतरिक एकता को नुकसान पहुंचा है।

थाने पहुंचने और विवाद सार्वजनिक करने पर भी सवाल

नोटिस में यह भी कहा गया है कि पार्टी के आंतरिक विवाद को संगठन के मंच पर सुलझाने के बजाय दोनों नेत्रियां पुलिस थाने पहुंचीं और मीडिया के सामने मामला सार्वजनिक किया। कांग्रेस ने इसे पार्टी के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासित कार्यशैली के विपरीत बताया है।

दोनों को नोटिस मिलने के सात दिन के भीतर जवाब देना होगा। उनसे पूछा गया है कि कथित अनुशासनहीनता के लिए उनके खिलाफ पार्टी के संविधान और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।

पराग शर्मा ने गजना लांबा पर लगाए आरोप

पराग शर्मा ने आरोप लगाया कि गजना लांबा भाजपा से जुड़ी हुई हैं और कांग्रेस को कमजोर करने का काम करती हैं। पराग के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान गजना आगे चल रही थीं। उन्हें साइड होने के लिए कहने पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

पराग ने गजना पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। ये आरोप पराग शर्मा के बयान पर आधारित हैं।

गजना लांबा बोलीं- मुझे थप्पड़ मारने की वजह नहीं पता

दूसरी ओर, गजना लांबा ने कहा कि उन्हें पराग शर्मा को थप्पड़ मारने की वजह समझ नहीं आई। उनके अनुसार, वह सामान्य तरीके से चल रही थीं और करीब 10 मीटर आगे थीं। उन्होंने दावा किया कि उनका पहले से कोई विवाद नहीं था।

गजना ने यह भी कहा कि उन्होंने पराग के विधानसभा चुनाव में प्रचार किया था, जबकि उनका अपना वोट पृथला विधानसभा क्षेत्र में है। उन्होंने पराग पर खुद को चर्चा में लाने के लिए विवाद करने का आरोप लगाया।

8 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ था विवाद

8 अक्टूबर को कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में काला दिवस मनाया था। फरीदाबाद में जिला मुख्यालय पर आयोजित रोष मार्च के दौरान पराग शर्मा और गजना लांबा के बीच आगे निकलने को लेकर विवाद शुरू हुआ।

वायरल वीडियो में दोनों के बीच धक्का-मुक्की और थप्पड़बाजी होती दिखाई दी। मौके पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। बाद में दोनों ने फरीदाबाद ओल्ड थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत भी दी थी।

फिलहाल, कांग्रेस ने दोनों नेत्रियों से जवाब मांगा है। नोटिस के बाद पार्टी क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई करती है, यह उनके जवाब और संगठन के अगले फैसले पर निर्भर करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!