हरियाणा के Kurukshetra स्थित National Institute of Technology Kurukshetra में प्रशासन के नोटिस के बाद छात्र अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए हैं।
संस्थान प्रशासन ने 18 अप्रैल को अगले आदेश तक छुट्टियां घोषित करते हुए सभी छात्रों को 19 अप्रैल तक हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए थे। आदेश के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने हॉस्टल खाली कर दिया।
इस बीच, 17 अप्रैल देर रात एक छात्रा से जुड़ी गंभीर घटना सामने आई थी। संबंधित छात्रा को परिजनों को सूचना देकर घर भेज दिया गया है।
उधर, मामले की जांच के लिए Ministry of Education India की ओर से दो सदस्यीय टीम संस्थान पहुंची हुई है। साथ ही, प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए NIT के छह पदाधिकारियों के विभागों में भी बदलाव किया गया है।
दरअसल, NIT प्रशासन ने इस स्टूडेंट के पेरेंट्स को उसे खुद लेकर जाने के लिए कुरुक्षेत्र बुलाया था, लेकिन पेरेंट्स ने तुरंत आने में अपनी मजबूरी जताई। उन्होंने NIT प्रशासन से उसे दिल्ली एयरपोर्ट तक छोड़ने और फ्लाइट में बैठाने की गुहार लगाई। NIT प्रशासन ने पेरेंट्स की मजबूरी को समझते हुए स्टूडेंट को एक टीम के साथ दिल्ली एयरपोर्ट तक छोड़ दिया।
टीम ने उस स्टूडेंट को फ्लाइट में बैठा दिया और उसके पेरेंट्स को सूचना देकर लौट आई। स्टूडेंट फ्लाइट के जरिए महाराष्ट के पुणे जिले तक पहुंच गई, जहां उसके पेरेंट्स ने उसे रिसीव कर लिया। स्टूडेंट के उसके पेरेंट्स के पास पहुंचने के बाद NIT प्रशासन ने राहत की सांस ली। पेरेंट्स ने NIT प्रशासन का आभार भी जताया।

