गुरुग्राम शहर के सबसे पॉश इलाकों में शामिल सुशांत लोक-1 में गलेरिया रोड पर सड़क के बीचों-बीच खोदे गए एक बड़े गड्ढे में एक महिला प्रोफेसर की कार गिर गई। राहगीरों ने गड्ढे के अंदर फंसी महिला प्रोफेसर को बाहर निकाला।
संयोग रहा कि कार ड्राइव कर रही प्रोफेसर बाल-बाल बच गईं, लेकिन उनकी टाटा पंच कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पूरी घटना का एक CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें कार मिट्टी के ढेर से टकराने के बाद गड्ढे में गिरती हुई दिख रही है। कार की रफ्तार भी काफी तेज थी।
उधर, इस बारे में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की प्रवक्ता नेहा विज के मुताबिक सड़क के किनारे काम किया जा रहा था और वहां पर प्रॉपर तरीके से बैरिकेडिंग भी थी। संबंधित कार तेज स्पीड से आई और अचानक से गड्ढे में गिर गई। फिलहाल इस गड्ढे को काम पूरा करके बंद करवा दिया गया है।
महिला प्रोफेसर डॉ. चित्रा कौल सुशांत लोक-1 की रिजवुड एस्टेट सोसाइटी में रहती हैं। वह सेक्टर-55 स्थित सुशांत यूनिवर्सिटी और जीडी गोयनका यूनिवर्सिटी में प्रिंसिपल प्रोफेसर हैं। 18 अप्रैल की शाम को वह यूनिवर्सिटी से घर जा रही थीं।
डॉ. चित्रा के अनुसार जब वह गैलेरिया रोड पर पहुंचीं, तो उन्हें सड़क के बीचों-बीच खोदा गया गड्ढा दिखाई नहीं दिया। गड्ढे के चारों ओर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। अंधेरा होने के कारण कार गड्ढे में गिरकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद प्रोफेसर को कार से बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह गड्ढा पिछले कई महीनों से इसी हालत में है, लेकिन निर्माण कार्य कर रही एजेंसी ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। पॉश इलाका होने के बावजूद मुख्य मार्ग पर इस तरह की लापरवाही किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह गड्ढा पिछले कई महीनों से इसी हालत में है, लेकिन निर्माण कार्य कर रही एजेंसी ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। पॉश इलाका होने के बावजूद मुख्य मार्ग पर इस तरह की लापरवाही किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थी।
डॉ. चित्रा कौल के मुताबिक इस हादसे से उन्हें गहरा मानसिक सदमा पहुंचा है और उनकी कार को भी काफी नुकसान हुआ है। वह इस लापरवाही के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) और नगर निगम प्रशासन को लिखित शिकायत देंगी, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
डॉ. चित्रा कौल ने कर्नाटक के डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक की है। इसके बाद उन्होंने राजस्थान स्थित जर्न यूनिवर्सिटी से एम.टेक किया। फिर उन्होंने कंप्यूटर साइंस में PHD की डिग्री ली। उन्हें IIT बॉम्बे द्वारा हरियाणा में फ्री और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर (FOSS) को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें शिक्षा में उत्कृष्ट कार्य के लिए I2OR द्वारा इंटरनेशनल टीचिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।

