हरियाणा में पहाड़ों से मैदानों की ओर चलने वाली उत्तर पश्चिमी हवाओं का असर देखा जाने लगा है। हरियाणा में अक्टूबर में हुई बारिश ने 21 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हरियाणा में अक्टूबर के 8 दिनों में करीब 29.2 एमएम बारिश को चुकी है। इससे पहले 2004 में पूरे अक्टूबर महीने में 58.4 एमएम बारिश हुई थी।

बारिश के कारण हरियाणा के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में अधिकतम तापमान लगातार दूसरे दिन भी 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। वहीं रोहतक में तापमान 7 डिग्री तक सामान्य से कम चल रहा है।

बता दें कि हरियाणा में 3 दिन 5 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक पश्चिमी विक्षोभ का असर रहा। इससे ज्यादातर क्षेत्रों में हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई है। इस दौरान कुछ एक क्षेत्रों में तेज बारिश भी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादा बारिश होने के कारण इस बार ठंड अधिक पड़ने की संभावना है और समय से पहले ठंड दस्तक दे सकती है।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आगे जाने के बाद आज 9 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के दौरान मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम साफ रहने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं में फिर से बदलाव उत्तर और उत्तर पश्चिमी होने से रात्रि तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है।

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