सिरसा, 7 नवंबर। हरियाणा के सिरसा जिले के कालांवाली में युवा कांग्रेस नेता लवप्रीत सिंह की हत्या के मामले में डबवाली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे परिवार में करीब 21 एकड़ जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है। पुलिस ने मामले में मृतक के सौतेले भाई गुरलाल, चाचा गुरचरण और तरसेम उर्फ सेमा समेत तीन आरोपियों को काबू करने की जानकारी दी है।
शनिवार को कालांवाली थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में डीएसपी ललित कुमार ने बताया कि पुलिस और सीआईए की संयुक्त टीम ने आरोपियों की गतिविधियों और लोकेशन के आधार पर कार्रवाई की। मामले में कुछ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
खेत में कहासुनी के बाद हुआ जानलेवा हमला
पुलिस के मुताबिक, 3 अक्टूबर को लवप्रीत सिंह अपने पिता नाजम सिंह के साथ खेत में गया था। इस दौरान दोनों चरणजीत के खेत में पहुंचे, जहां जमीन जोत रहे व्यक्ति से उनकी कहासुनी हो गई।
इसके बाद संबंधित व्यक्ति ने चरणजीत को फोन कर खेत में बुलाया। पुलिस का आरोप है कि विवाद के दौरान गुरलाल और उसके परिवार के अन्य सदस्य भी लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर मौके पर पहुंच गए।
दोनों पक्षों में विवाद बढ़ने के बाद लवप्रीत और उसके पिता पर हमला कर दिया गया।
पैरों पर डंडों से वार, सिर के पीछे कुल्हाड़ी लगने से मौत
डीएसपी ललित कुमार के अनुसार, हमलावरों ने लवप्रीत के पैरों पर डंडों से कई वार किए। इसी दौरान उसके सिर के पिछले हिस्से पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। गंभीर चोट लगने से लवप्रीत की मौत हो गई।
हमले में उसके पिता नाजम सिंह भी घायल हो गए, जिनका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पुलिस मामले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।
21 एकड़ जमीन बनी पारिवारिक विवाद की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, नाजम सिंह की दो शादियां हुई थीं। पहली शादी से गुरलाल और दूसरी शादी से लवप्रीत सिंह का जन्म हुआ था।
परिवार के पास गांव में करीब 21 एकड़ जमीन बताई गई है। पुलिस के अनुसार, बड़े बेटे गुरलाल को करीब सात एकड़ जमीन दी गई थी, लेकिन वह इस बंटवारे से संतुष्ट नहीं था।
लवप्रीत अपने पिता के साथ रहता था, जबकि गुरलाल अलग रह रहा था। जमीन और घर में हिस्सेदारी को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव बना हुआ था।
बताया गया है कि कुछ समय तक गुरलाल कालांवाली मंडी में किराए के मकान में रहा। बाद में परिवार के सदस्य चरणजीत की मध्यस्थता से वह गांव लौटा और उसे घर में हिस्सा दिलाया गया।
तीन साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
लवप्रीत सिंह का तीन साल का बेटा है। उसकी हत्या के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, गुरलाल के एक बेटा और एक बेटी हैं।
लवप्रीत के दादा मित सिंह गांव के पूर्व सरपंच रह चुके हैं। परिवार की स्थानीय स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक पहचान रही है।
युवा कांग्रेस का हलका प्रधान था लवप्रीत
लवप्रीत सिंह कालांवाली में युवा कांग्रेस का हलका प्रधान था और पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता था।
वह दिल्ली में वोट चोरी के मुद्दे पर आयोजित कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुआ था। हत्या के बाद कांग्रेस के स्थानीय विधायक और अन्य नेताओं ने घटना पर दुख जताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की थी।
लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा
डीएसपी ललित कुमार ने बताया कि कालांवाली थाना पुलिस और सीआईए की टीम ने आरोपियों की आवाजाही और लोकेशन से मिले सुरागों के आधार पर कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय मौके पर करीब पांच लोग मौजूद थे। इनमें कुछ आरोपियों की हमले में प्रमुख भूमिका सामने आई है, जबकि अन्य की भूमिका की जांच जारी है।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की बात कही है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
फिलहाल पुलिस जमीन विवाद को हत्या की प्रमुख वजह मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। मामले में आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका और घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी आगे की जांच में स्पष्ट होगी।


