सोनीपत में एक युवक द्वारा अपनी ही मां को गोली मार कर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका सतवंती शिक्षा विभाग में चपरासी थी और बेटा पैसों को लेकर उससे झगड़ा करता था। पुलिस ने सोमवार को मृतका के शव को पोस्टमार्टम के बाद वारिसों को सौंप दिया। महिला के दो बेटों की पहले मौत हो चुकी है। भतीजे की शिकायत पर थाना गन्नौर पुलिस ने बेटे दीपक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
सोनीपत के गांव खानपुर कलां निवासी भोपाल सिंह जोकि मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में ड्राइवर है। उसने थाना गन्नौर में दर्ज कराए केस में कहा हैं कि उसकी सगी बुआ सतवंती की शादी गांव पुरखास हाल अगवानपुर रोड गांधी नगर गन्नौर के नरेश के साथ हुई थी। फूफा नरेश कुमार का कई साल पहले देहांत हो चुका है। बुआ के 4 बच्चे थे, जिनमें से 2 लड़कों की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। एक लड़का दीपक है और लड़की रितु हैं जो दोनों शादीशुदा हैं।
भोपाल ने बताया कि उसकी बुआ का लड़का दीपक बेरोजगार और आवारा किस्म का है। सतवंती नरेला दिल्ली में शिक्षा विभाग में PEON के पद पर तैनात थी। दीपक अक्सर उसकी बुआ की तनख्वाह को खुद प्रयोग करने के लिए उसके साथ हमेशा झगड़ा करता रहता था। पहले भी उसको झगड़ा नहीं करने बारे समझाया था। लेकिन वह मान नहीं रहा था। बड़े भाई की मौत के बाद उसकी बेवा की शादी दीपक से कराई गई थी। वह सुधरने का नाम नहीं ले रहा था।
भोपाल ने बताया कि रविवार देर रात को उसको सूचना मिली थी कि बुआ सतवंती को गोली लगी है और उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में दाखिल करवाया गया है। सूचना पाकर वह अपने परिवार जनों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने बताया कि सतवंती की गोली लगने से मौत हो चुकी है। उसकी बुआ उसे मृत अवस्था में मिली। उसने कहा कि परिवार व रिश्तेदारों से सलाह और अपनी पूरी तसल्ली करने के बाद पता चला कि बुआ सतवंती की उसके लड़के दीपक ने उसकी तनख्वाह को हड़पने और पैसों को लेकर रंजिश रखते हुए गोली मारकर हत्या की है।
थाना गन्नौर के ASI कुलदीप सिंह से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने भोपाल की शिकायत पर सतवंती के बेटे दीपक के खिलाफ 302 IPC व 25-54- 59 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। वह अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगी है।
