सोनीपत जिले के मोहाना थाना क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन साइट के पास खेत में बने पानी के गड्ढे में 6 साल की बच्ची का शव मिलने के मामले में परिजनों ने एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का आरोप है कि बच्ची को रात के समय झुग्गी से उठाकर ले जाया गया और उसके साथ गलत काम करने के बाद पानी के गड्ढे में डुबोकर उसकी हत्या की गई।
परिजनों का दावा है कि बच्ची के हाथ तार से बंधे हुए थे और वह बिना कपड़ों के मिली थी। परिवार ने मामले में POCSO एक्ट और SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण और घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
बच्ची की मां ने बताया कि घटना वाली रात उसकी दोनों बेटियां उसके साथ झुग्गी में सो रही थीं। महिला के मुताबिक, रात में सुमित नाम का युवक झुग्गी में आया और बच्ची को नींद में ही उठाकर ले गया। मां का आरोप है कि इससे पहले युवक रात में सब्जी लेने के बहाने झुग्गी के पास आया था। उसने झुग्गी का पर्दा पूरी तरह नहीं खोला और साइड से ही सब्जी ली थी। इसके बाद महिला अपनी दोनों बेटियों के साथ सो गई थी।कुछ समय बाद जब बच्ची के पिता वापस आए तो बच्ची वहां नहीं मिली। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों ने झुग्गियों, कंस्ट्रक्शन साइट और आसपास बने गड्ढों में बच्ची की तलाश शुरू की। परिवार के मुताबिक, करीब तीन घंटे तक तलाश जारी रही।
परिवार का कहना है कि तलाश के दौरान खेतों की तरफ मोबाइल की रोशनी दिखाई दी। इसी दौरान परिवार ने सुमित को खेत की तरफ से आते हुए देखने का दावा किया। बाद में बच्ची का शव पानी के गड्ढे में मिला। मां का दावा है कि बच्ची के हाथ-पैर तार से बंधे हुए थे और उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। परिवार ने बच्ची के साथ यौन अपराध की आशंका जताते हुए POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। मां ने भावुक होकर कहा कि उसकी बेटी अब कभी बोलकर नहीं बता पाएगी कि उसके साथ क्या हुआ।
मां ने बताया कि घटना वाली शाम करीब 7:30 बजे घर में चावल बने थे। बच्ची ने चावल खाए, लेकिन कुछ खाना प्लेट में ही छोड़ दिया। मां के मुताबिक, बच्ची ने आखिरी बार कहा था—‘मम्मी, ज्यादा भूख नहीं है।’इसके बाद रात करीब 10 बजे दोनों बहनें सो गई थीं। मां ने बताया कि बच्ची बहुत शांत स्वभाव की थी। वह अपनी बहन के साथ खेलती थी और दिनभर मां से खाने-पीने की चीजें मांगती रहती थी। परिवार के मुताबिक, पिता भी दोनों बेटियों को बहुत प्यार करते थे।
परिवार करीब 15 दिन पहले ही इस कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने आया था। बच्ची के पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं। परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है और काम की तलाश में अलग-अलग जगहों पर जाता रहा है।
पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने बच्ची का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिवार POCSO और SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा, जिसके बाद बच्ची का शव सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी देवेंद्र गौतम भी श्मशान घाट पहुंचे और परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने परिवार की मांगों का समर्थन किया।
धरने के दौरान बच्ची के पिता भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उनका परिवार अपनी मासूम बच्ची की मौत के बाद न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बातों के मुताबिक कार्रवाई नहीं की और उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद समाजसेवी देवेंद्र गौतम भी श्मशान घाट पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया और मामले में न्याय की मांग का समर्थन किया!
मामले की सूचना मिलने पर मोहाना थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने धरने पर बैठे परिजनों और अन्य लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मौत के कारण और घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत के मुताबिक कार्रवाई नहीं की और उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। फिलहाल परिवार बच्ची के मामले में निष्पक्ष जांच और POCSO व SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है।
