हरियाणा में मानसूनी हवाएं अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही मानसूनी हवाओं की रफ्तार धीमी होने के कारण अगले सप्ताह से प्रदेश में ज्यादा बरसात के आसार नहीं हैं।
मानसूनी गतिविधियों पर करीब एक सप्ताह का ब्रेक रहेगा, जिसके बाद सितंबर के पहले सप्ताह में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। बता दें कि अगस्त महीने में हरियाणा में अब तक 257.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 14 फीसदी कम है।
वहीं, एक दिन पहले 19 अगस्त को कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा 84.5 MM बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पंचकूला में 67.5 MM, यमुनानगर में 60 MM, फतेहाबाद में 32 MM और सोनीपत में 29.5 MM बारिश दर्ज की गई।
पहाड़ों में हुई भारी बारिश के कारण मंगलवार देर रात अंबाला कैंट में टांगरी नदी का जलस्तर अचानक बढ़कर 27,720 क्यूसेक पहुंच गया। रात करीब 11:30 बजे आसपास की 10 कॉलोनियों में 3 फीट तक पानी भर गया। हालांकि, प्रशासन की पूर्व घोषणा से लोग अलर्ट हो गए थे। बुधवार सुबह तक पानी उतरना शुरू हो गया।
पंचकूला जिले में भारी बारिश के चलते मोरनी हिल्स क्षेत्र में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ, जिससे कई मकानों पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, पंचकूला में घग्गर नदी भी पूरे उफान पर बह रही है।
हरियाणा में औसतन अधिकतम तापमान में 0.4°C की मामूली बढ़त देखी गई, हालांकि यह सामान्य के आसपास ही बना रहा। प्रदेश में हिसार सबसे गर्म दर्ज किया गया, जहां पारा 37.0°C तक पहुंच गया। इसके अलावा नारनौल में 36.5°C, रोहतक में 36.2°C और भिवानी में 36.0°C तापमान दर्ज हुआ। वहीं बारिश वाले इलाकों जैसे कुरुक्षेत्र में 32.5°C और गुरुग्राम में 33.0°C अधिकतम तापमान रहा।
