रोहतक स्थित राजीव गांधी विद्युत भवन में उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF) की बैठक हुई। जिसमें बिजली उपभोक्ता अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इस दौरान निगम के कई कारनामे सामने आए। जिसमें किसी को महीनों से बिजली बिल नहीं मिला तो किसी को अधिक बिल थमा दिया।

जिसको लेकर उपभोक्ता निगम के कार्यालयों में महीनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसलिए उपभोक्ता अपनी समस्या लेकर CGRF की बैठक में पहुंचे। यहां अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनीं। साथ ही उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही समाधान किया जाएगा। वहीं, संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को भी जल्द समाधान के निर्देश दिए।
गांव सुनारियां कलां निवासी वजीर सिंह ने कहा कि वह दिव्यांग है, जिसके कारण मजदूरी भी ठीक से नहीं कर पाता। आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर है। बताया कि करीब एक साल पहले उनका बिजली मीटर खंभे पर लगाया गया था। वह लगातार बिजली का बिल भरते आ रहे हैं। उसका बिजली बिल 400-500 रुपए आता था। अक्टूबर में उसका बिल 469 रुपए आया था, लेकिन वह बीमार होने के कारण बिजली बिल नहीं भर पाया।
वजीर सिंह ने कहा कि एक बिल नहीं भरने के चलते दिसंबर में निगम ने पूरे साल में अब तक यूनिट को जोड़कर 6852 रुपए का बिजली बिल बनाकर भेज दिया। जिसके लिए वह करीब एक-डेढ़ माह से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। अधिकारी भी ठीक से व्यवहार नहीं करते। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बिल ठीक करने की बजाय कहा कि यह तो भरना ही पड़ेगा। निगम की गलती कहां तक भुगतें।
गांव सुड़ाना निवासी देवराज ने बताया कि उनका परिवार रहने के लिए गांव से शहर में आ गया। इसलिए उन्होंने गांव के मीटर का लोड कम करने की 2020 में शिकायत दी थी। पहले उनके मीटर का लोड 2.90 किलोवाट था, जिसे वे एक किलोवाट करवा रहे थे। जिसके बाद पंचकूला से अनुमति मिल गई थी और उनका लोड भी कम कर दिया।
उन्होंने कहा कि लोड कम करने के बाद जुलाई 2022 से अब तक उनका बिजली बिल ही नहीं दिया गया। वे इस शिकायत को लेकर अधिकारियों से भी मिले, उस समय बिल भेजने का आश्वासन ही मिला, कोई समाधान नहीं हुआ। पिछले करीब 7 माह से एक बार भी बिजली का बिल नहीं आया। इसलिए उन्हें बुढ़ापे में भी भटकना पड़ रहा है।
सेक्टर-3 निवासी रोहतक नागरिक मंच के संयोजक लाभ सिंह हुड्डा ने बताया कि उसके बेटे विकास के नाम से बिजली कनेक्शन है। बिजली मीटर की डिस्पले ठीक से काम नहीं कर रही। जिसकी शिकायत जून 2021 में की थी। जिसके कारण बिल भी ठीक नहीं आ रहा था। बार-बार शिकायत के बाद नवंबर 2022 में उनके मीटर की डिस्पले बदली गई है।

उन्होंने कहा कि अब उनका बिल आया है। बिल में रीडिंग 376.45 दर्शायी गई हैं। वहीं, मीटर में 256 यूनिट को खर्च किया गया है। इसलिए उनके बिल में 119 यूनिट को अतिरिक्त जोड़ा गया है। इसके अलावा एरियर भी 4281 रुपए भेजा गया है। कुल बिल 6849 रुपए दिखाया गया है। न तो उनका बिल ठीक किया जा रहा है और न ही जो पैसे उनसे लिए गए हैं, वे वापस दिए जा रहे।
