जींद: हरियाणा के जींद में पूर्व पार्षद श्यामलाल की मौत के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान उनकी पत्नी को घर पर एक सुसाइड नोट मिला। परिजन शव को श्मशान घाट ले जा चुके थे और शव चिता पर रखा जा चुका था। नोट मिलने की सूचना के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार रोक दिया और शव को अस्पताल ले जाकर पुलिस को सूचना दी।

परिजनों के अनुसार, श्यामलाल रविवार दोपहर हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने घर में बेसुध मिले थे। उन्हें जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में परिवार ने उनकी बीमारी को मौत का कारण माना था, लेकिन सुसाइड नोट मिलने के बाद मामले को लेकर संदेह पैदा हुआ।

सुसाइड नोट में कारोबारी लेनदेन का जिक्र

परिवार के अनुसार, सुसाइड नोट में शेयर मार्केट ट्रेडर और प्रॉपर्टी डीलर विकास बंसल के साथ करोड़ों रुपये के लेनदेन का जिक्र है। श्यामलाल के बेटे कमल ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पिता और विकास बंसल मिलकर प्रॉपर्टी और शेयर मार्केट का कारोबार करते थे।

शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2022 में श्यामलाल ने दुकान बेचकर 35 लाख रुपये कारोबार में लगाए थे। इसके बाद दोनों ने सुभाष नगर में करीब एक करोड़ रुपये का प्लॉट खरीदा। आरोप है कि श्यामलाल ने बाद में अपना आधा हिस्सा 74 लाख रुपये में विकास बंसल को बेच दिया था।

50.87 लाख रुपये का हिसाब भेजने का दावा

कमल ने अपनी शिकायत में बताया कि 8 दिसंबर को विकास बंसल ने उनके पिता को फोन पर 50 लाख 87 हजार रुपये की डिटेल भेजी थी। शिकायत के अनुसार, बकाया रकम मांगने पर विकास बंसल लगातार टालमटोल कर रहा था।

कमल का आरोप है कि 5 अक्टूबर को हिसाब मांगने पर विकास ने अगले दिन रजिस्टर देखकर हिसाब करने की बात कही। इसके बाद 6 अक्टूबर को श्यामलाल हिसाब करने के लिए उसके कार्यालय पहुंचे, जहां कथित तौर पर उनके साथ हाथापाई और गाली-गलौज की गई। बेटे ने शिकायत में अपने पिता का एक करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने का दावा किया है।

गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों का विरोध

सुसाइड नोट मिलने के बाद परिजन शव को लेकर अस्पताल पहुंचे और पुलिस से मामले की जांच की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार, परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया था। पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद वे शव लेने के लिए सहमत हुए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

दो बार पार्षद रह चुके थे श्यामलाल

श्यामलाल जींद के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से दो बार पार्षद चुने गए थे। उनके परिवार ने भी लगातार तीन कार्यकाल तक वार्ड का प्रतिनिधित्व किया था। पार्षद रहने के दौरान ही उन्होंने शेयर मार्केट और प्रॉपर्टी का कारोबार शुरू किया था।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी मौत की असली वजह

पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बेटे की शिकायत, कारोबारी लेनदेन और मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि श्यामलाल की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। विकास बंसल पर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।

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