हरियाणा सरकार ने प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट-2024 एवं नियम-2025 के तहत वेब पोर्टल दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कंप्यूटर फैकल्टी, कंप्यूटर लैब अटेंडेंट, डीआईटीएस (हारट्रॉन को छोड़कर) के संविदा कर्मचारी तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के संविदा कर्मचारियों को भी सेवा सुरक्षा कानून के दायरे में लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार इससे पहले इसी कानून के तहत गेस्ट टीचर्स को 58 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा का लाभ दे चुकी है। ऐसे में अब यह कदम अन्य संविदा कर्मचारी वर्गों तक जॉब सिक्योरिटी का दायरा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष गेस्ट टीचर्स को सिक्योरिटी ऑफ सर्विस एक्ट के तहत सेवा सुरक्षा प्रदान की थी। इसके बाद लंबे समय से कंप्यूटर फैकल्टी, लैब अटेंडेंट और अन्य संविदा कर्मचारी भी इसी तरह की सुरक्षा की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने इन्हें भी इस कानून के तहत शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। हालांकि यह अभी नियमित नियुक्ति नहीं है, बल्कि कानून के तहत मिलने वाली सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया है।
मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस चरण में चार श्रेणियों के संविदा कर्मचारी पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे। इनमें स्कूल शिक्षा विभाग के कंप्यूटर फैकल्टी, स्कूल शिक्षा विभाग के कंप्यूटर लैब अटेंडेंट, डीआईटीएस के माध्यम से कार्यरत संविदा कर्मचारी (हारट्रॉन को छोड़कर) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के संविदा कर्मचारी शामिल रहेंगे। इन सभी कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन कर उन्हें सिक्योरिटी ऑफ सर्विस एक्ट के तहत लाभ देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध रखने के लिए स्पष्ट कार्यक्रम जारी किया है। 31 जुलाई तक कर्मचारी पोर्टल पर अपना पंजीकरण करेंगे। 7 अगस्त तक संबंधित डीडीओ दस्तावेजों और सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे। 15 अगस्त तक संबंधित विभागाध्यक्ष अंतिम सत्यापन पूरा करेंगे। मानव संसाधन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने ट्रेजरी एवं अकाउंट्स विभाग तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) को भी निर्देश दिए हैं कि संबंधित कर्मचारियों का पूरा सेवा रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए। इसका उद्देश्य सभी पात्र कर्मचारियों का प्रमाणित डिजिटल डाटा तैयार करना है, ताकि भविष्य में सेवा सुरक्षा कानून के लाभ देने में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए। सरकार का कहना है कि इससे पोर्टल की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी होगी।
गेस्ट टीचर्स को नियमित करने के मुद्दे पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला भी हाल ही में सामने आ चुका है। ऐसे समय में सरकार द्वारा अन्य संविदा कर्मचारी वर्गों को भी सिक्योरिटी ऑफ सर्विस एक्ट के दायरे में लाने की प्रक्रिया शुरू करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि वर्तमान आदेश केवल पोर्टल दोबारा खोलने और रिकॉर्ड सत्यापन से संबंधित है। इसमें नियमितीकरण का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए दोनों विषयों को अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के रूप में देखना होगा।
हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट-2024 का उद्देश्य पात्र संविदा कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों के तहत सेवा सुरक्षा प्रदान करना है। इसी कानून के तहत पहले गेस्ट टीचर्स को लाभ दिया गया था और अब सरकार अन्य संविदा कर्मचारी वर्गों को भी इसके दायरे में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वर्तमान आदेश इसी प्रक्रिया को लागू करने के लिए पोर्टल खोलने और रिकॉर्ड सत्यापन सुनिश्चित करने से संबंधित है।

