गुरुग्राम। सोनम वांगचुक का आमरण अनशन गुरुवार को 26वें दिन में पहुंच गया। दो दिन पहले तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP), समाजवादी पार्टी (SP) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के 15 विपक्षी सांसद उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद सांसदों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और नाराज सांसद अस्पताल के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक हंगामे के बाद भी सांसदों को वांगचुक से मिलने की इजाजत नहीं मिली।
मंगलवार को हुए घटनाक्रम के बाद मेदांता अस्पताल की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। अस्पताल परिसर में करीब 600 पुलिसकर्मियों को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है। अस्पताल का एक्जिट गेट बंद कर दिया गया है और अब केवल मुख्य प्रवेश द्वार से ही लोगों की आवाजाही हो रही है। बाहरी वाहनों को भी सिर्फ वैध अपॉइंटमेंट और स्पष्ट कारण बताने पर ही प्रवेश दिया जा रहा है।
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनका अनशन 25 दिन पूरा कर चुका है और वे अभी भी सरकार के सकारात्मक कदम का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ सांसद उनसे मिलने आए थे और उन्होंने अनशन खत्म करने की अपील की। वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर भरोसा देती है और छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन देती है, तो वह तुरंत अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं।

