आइये आपको दिखायें स्वर्गलोक से छट पूजा की कुछ तस्वीरें। खा गए न धोखा, तस्वीरें देख कर ऐसा लग रहा है के मानों मनुष्य स्वर्गलोक में पहुँच कर बादलों से ऊपर पूजा कर रहे हैं लेकिन आपको जानकारी के लिए बता दें यह तस्वीरें स्वर्ग में बहती किसी नदी या पूजा की नहीं बल्कि यमुना नदी की है। जिसका पानी हर साल इस समय इतना दूषित होजाता है और लोगों को मजबूरी में इसी झाग वाले प्रदूषित पानी में उतर कर ही पूजा करनी पड़ती है।

दरअसल दिल्ली के साथ साथ देशभर में लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा नहाय खाय से सोमवार से शुरू हो गया है। त्योहार मनाने के क्रम में दिल्ली में श्रद्धालुओं ने छठ पूजा के पहले दिन छठ पूजा के पहले दिन यमुना नदी में जहरीले झाग के बीच स्नान किया। यहां पर मौजूद एक ​श्रद्धालु महिला ने बताया कि यहां पानी बहुत गंदा है, लेकिन छठ पूजा में नहाना पड़ता है इसलिए हम नहाने आए हैं।

दिल्ली ही नहीं, बल्कि एनसीआर के शहरों के ज्यादातर घाटों की सफाई व रंग-रोगन का काम किया गया है। कृत्रिम तालाबों में टैंकरों के माध्यम से पानी भरा गया है, वहीं पूजा समितियों ने गली-मोहल्लों में बने पार्कों में बने कृत्रिम घाटों को श्रद्धालुओं के लिए सजा दिए हैं। घाटों पर देर शाम के बाद रौनक बढ़ गई है। आइटीओ स्थित यमुना नदी के किनारे बना कृत्रिम छठ घाट भी पूजा के लिए तैयार है। घाट को देखने आए श्रद्धालुओं के साथ समिति के सदस्यों में उत्साह नजर आया।

छठ पूजा समिति दिल्ली प्रदेश के महासचिव आर के सिंह ने बताया कि प्रशासन ने इस बार यमुना नदी के किनारे जाने पर रोक लगाई है। इससे सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के पूजा करने के लिए व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु यमुना नदी में कुछ न करते हुए आस्था के पर्व को श्रद्धापूर्वक कृत्रिम घाट में ही पूजा करेंगे।

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