दिल्ली (Delhi): संसद के मानसून सत्र के साथ दिल्ली में 2 किमी. दूर जंतर-मंतर पर गुरुवार से किसानो को भी ‘किसान संसद’ की मंजूरी सर्कार व् प्रशासन द्वारा देदी गयी है। तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में करीब 8 माह से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा इसका आयोजन कर रहा हैं।

बीते दिन कुंडली बॉर्डर से दिल्ली पुलिस के पहरे में 4 बसों से 200 किसानों को जंतर-मंतर पर ले जाया गया। बलबीर राजेवाल, राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, हनान मोल्लाह, शिवकुमार कक्का, रलदू सिंह मानसा ने 2 गाड़ियों में किसानों का नेतृत्व किया। किसान संसद में पहले दिन एपीएमसी एक्ट पर चर्चा हुई।

उधर, केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने विवादित बयान दे दिया। संसद भवन परिसर में मीनाक्षी ने कहा, ‘वे किसान नहीं, मवाली हैं। उनकी आपराधिक गतिविधियां हैं। 26 जनवरी को जो हुआ, शर्मनाक था, आपराधिक था। विपक्ष की ओर से चीजों को बढ़ावा दिया गया है।’ इस पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, ‘प्रदर्शन करने वाले मवाली नहीं, किसान हैं। किसानों के बारे में ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए। किसान देश का अन्नदाता है।’ किसान संसद में मीनाक्षी के बयान की निंदा का प्रस्ताव पास किया गया।

कांग्रेस ने कहा कि लेखी मांफी मांगें या इस्तीफा दें।

9 अगस्त तक परमिशन दी, ऐलान 13 तक का

दिल्ली के उपराज्यपाल ने जंतर-मंतर पर 9 अगस्त तक प्रदर्शन की अनुमति दी है। लेकिन, संयुक्त मोर्चा के सदस्यों ने ऐलान किया कि संसद 13 अगस्त तक चलेगी तो किसानों का विरोध भी 13 तक जारी रहेगा। किसान नेताओं का कहना है कि रोज 200 किसान दिल्ली जाकर विरोध दर्ज कराएंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक संसद चलेगी, हम यहां आते रहेंगे।

सुरक्षाबल तैनात, ड्रोन से नजर, टिकरी बॉर्डर सील

कुंडली बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस के 2500 और पैरामिलिट्री के 3 हजार जवान तैनात थे। जंतर-मंतर पर पुलिस की 5 टुकड़ियां लगाई गईं थीं। कुंडली बॉर्डर से जंतर-मंतर तक ड्रोन से निगरानी की गई। डीसीपी (बाहरी दिल्ली) परविंदर सिंह ने बताया, ‘टीकरी बॉर्डर से प्रदर्शनकारियों को आवाजाही की अनुमति नहीं है। उन्हें सिर्फ कुंडली बॉर्डर से आने-जाने दिया जाएगा।’

संसद में हंगामा: कृषि मंत्री के सामने तख्तियां लहराईं

संसद में किसानों के मसले पर हंगामा हुआ। लोकसभा में कुछ सांसदों ने स्थगन प्रस्ताव के तहत मसले पर चर्चा का नोटिस दिया। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर संसद परिसर पहुंचे तो अकाली दल के सांसदों ने तख्तियां लहराईं। तोमर ने कहा, ‘कृषि कानून फायदेमंद हैं। यह साबित हो चुका है। फिर भी किसान नेताओं व विपक्षी दलों की चिंताओं पर बिंदुवार चर्चा को तैयार हैं।’

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