हरियाणा के पानीपत में थर्मल प्लांट की महिला XEN के 12 वर्षीय बेटे के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया। बदमाशों ने बच्चे को अगवा कर डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, लेकिन महज 11 घंटे के भीतर पुलिस ने रोहतक में घेराबंदी कर बच्चे को छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से करीब 11 राउंड फायरिंग हुई। दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जबकि एक महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

घर से किया गया था अपहरण

थर्मल प्लांट में XEN पद पर तैनात सुनीता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 12 जून की शाम वह अपने 12 वर्षीय बेटे कबीर को घर पर छोड़कर ड्यूटी पर गई थीं। रात करीब 9:30 बजे घर लौटने पर बेटा गायब मिला। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई।

व्हाट्सएप कॉल पर मांगी डेढ़ करोड़ की फिरौती

शिकायत के कुछ समय बाद सुनीता के पास एक व्हाट्सएप नंबर से कॉल आई। कॉल करने वालों ने कबीर के उनके कब्जे में होने का दावा किया और उसकी रिहाई के बदले डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की। साथ ही रकम नहीं देने पर बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी।

सूचना मिलते ही पानीपत CIA-2, गोहाना पुलिस और रोहतक पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं।

रोहतक में घिरे तो बच्चे को चलती कार से फेंका

शनिवार सुबह पुलिस को आरोपियों की लोकेशन रोहतक में मिली। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी और पुलिस वाहन को टक्कर मारने की कोशिश भी की। खुद को चारों तरफ से घिरता देख बदमाशों ने अपहृत बच्चे को चलती कार से नीचे फेंक दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने तुरंत बच्चे को सुरक्षित कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया।

मुठभेड़ में दो आरोपी घायल

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें दबोच लिया गया। कार में मौजूद एक महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल निवासी थर्मल कॉलोनी, आदेश निवासी सुंदर नगर (पानीपत) तथा शारदा निवासी गांव भराण (रोहतक) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की कार से दो पिस्टल और दो चाकू बरामद किए हैं।

छात्र ने रची थी साजिश की भूमिका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कबीर को कारों में घूमने और ड्राइविंग देखने का शौक था। इसी बात का फायदा उठाते हुए एक छात्र ने उसे घूमने के बहाने घर से बाहर बुलाया। इसके बाद आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया।

बताया जा रहा है कि आरोपी पहले बच्चे को उत्तर प्रदेश की ओर ले गए और वहीं से व्हाट्सएप कॉल कर फिरौती मांगी। रातभर वे अलग-अलग जगह घूमते रहे, लेकिन आखिरकार रोहतक में पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

परिवार के परिचित निकले आरोपी

पानीपत CIA के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी छात्र के परिवार के परिचित हैं और उन्हें पता था कि बच्चे के माता-पिता दोनों सरकारी अधिकारी हैं। इसी वजह से उन्होंने बड़ी फिरौती वसूलने की योजना बनाई।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अपहरण की साजिश में और कौन-कौन शामिल था। साथ ही छात्र की भूमिका और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

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