रोहतक के जाट शिक्षण संस्था में स्थित चौधरी छोटू राम की समाधि पर जाट संस्था बचाओ समिति की बैठक हुई। जिसमें कई मुद्दों पर विचार-विमर्श कर किया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि सहायक प्रोफेसरों को ना हटाया जाए। साथ ही पीएफ घोटाले व अखाड़ा कांड में हुए अवैध लेन-देन की जांच भी अति शीघ्र करवाकर दोषियों को सजा दिलवाई जाए।
समिति के संयोजक एडवोकेट चंचल नांदल ने कहा कि बैठक की अध्यक्षता हुड्डा खाप के प्रवक्ता जगवन्त ने की। बैठक में प्रशासक द्वारा संस्था के जाट कॉलेज व महारानी किशोरी जाट कन्या महाविद्यालय में विभिन्न कोर्सों के लिए कार्यरत सहायक प्रोफेसरों को पद से हटाकर उनकी जगह नई नियुक्तियां निकाले जाने का पुरजोर विरोध किया।
चंचल नांदल ने कहा कि किसी का रोजगार छीनकर दूसरों को रोजगार देना पूरी तरह से गलत कदम है, जबकि पहले नियुक्त से नियुक्त सहायक प्रोफेसर नेट/पीएचडी क्वालीफाइड हैं और पिछले पांच से 12 सालों से संस्था में कार्यरत हैं। जाट संस्था बचाओ समिति के मुख्य सदस्य सभी मुद्दों को लेकर संस्थाओं की प्रशासक मोनिका गुप्ता से मिले और चर्चा की।
समिति ने प्रशासक से आग्रह किया कि जो भी नई नियुक्तियां कॉलेजों में हों वो पूरी तरह से मेरिट को देखकर की जाएं। जिस पर प्रशासक ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाया कि उनकी कोशिश रहेगी कि ना तो किसी का रोजगार छीना जाए और जो भी नई नियुक्तियां होंगी वो पूरी पारदर्शी से की जाएंगी। बैठक में आजीवन सदस्य आरएस खासा, जय सिंह दहिया, तिलक नगर आर्य समाज के संयोजक सुखबीर दहिया, कृष्ण पाकस्मा, नांदल खाप प्रवक्ता मा. देवराज नांदल, महासचिव डॉ. संजीत नांदल आदि उपस्थित रहे।
