चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर का चुनाव 8 जनवरी को सुबह 11 बजे सदन में होगा। उम्मीदवार अपने नामाकंन 4 जनवरी की शाम 5 बजे तक भर सकते हैं। चंडीगढ़ के डीसी ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। प्रिजाइडिंग ऑफिसर काउंसलर महेश इंद्र सिंह सिद्धू को बनाया गया है। मेयर का पद महिला के लिए आरक्षित है।

मेयर चुनने के लिए 35 में से 18 पार्षदों का बहुमत जरूरी है। सांसद को भी वोट करने का अधिकार है। आम आदमी पार्टी ने सोमवार को 14 पार्षदों को दिल्ली बुला लिया। वहीं कांग्रेस भी अपने 8 पार्षदों को लेकर जयपुर चली गई। चुनाव में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला है।

कांग्रेसी पार्षद हरप्रीत कौर बबला के भाजपा में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को अपने बाकी पार्षदों के दल बदलने का भय सताने लगा है। इसी के मद्देनजर पार्टियां अपने पार्षदों को दिल्ली और जयपुर ले गईं । चंडीगढ़ नगर निगम में आप के 14, भाजपा के 12 और कांग्रेस के 8 पार्षद थे। एक अकाली दल का पार्षद जीता था। कांग्रेसी की एक पार्षद हरप्रीत कौर बबला भाजपा में शामिल हो गई थी। ऐसे में अब कांग्रेस के पास 7 पार्षद रह गए।

चंडीगढ़ कांग्रेस के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बबला का पार्टी अध्यक्ष सुभाष चावला के साथ विवाद हो गया था, जिसके बाद उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें रविवार को पार्टी से बाहर कर दिया। साथ ही बबला पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में भाग लेने के आरोप भी लगाया।

पार्टी प्रभारी हरीश चौधरी ने इस संबंध में पत्र जारी किया। इसके बाद चंडीगढ़ भाजपा सांसद किरण खेर की उपस्थिति में देवेंद्र बबला ने भाजपा जॉइन की। इससे पहले शनिवार को चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चावला और उपाध्यक्ष देवेंद्र बबला के बीच निगम कार्यालय में विवाद हो गया था। बबला ने कहा था कि दो आदमियों के कारण कांग्रेस का नुकसान हुआ है।

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