रोहतक, 26 जून। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने नगर निगम तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) क्षेत्राधिकार में स्थित ऐसे संवेदनशील भूखंडों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, जहां पीजी, गेस्ट हाउस, कोचिंग संस्थान, नर्सिंग होम, अस्पताल अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
सचिन गुप्ता ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गठित निरीक्षण दल इन सभी प्रतिष्ठानों का विस्तृत सर्वेक्षण कर आवश्यक जानकारी एकत्रित करें। सर्वेक्षण के दौरान संबंधित प्लॉट संख्या, सेक्टर, संचालक का नाम तथा वहां संचालित गतिविधि के प्रकार का विवरण दर्ज किया जाएगा, ताकि प्रत्येक प्रतिष्ठान का समुचित रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय एवं गंभीरता के साथ इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करें।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन संस्थानों में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध उपलब्ध हों। विशेष रूप से वैकल्पिक निकास मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट), अग्नि सुरक्षा उपकरणों तथा अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं प्रावधानों की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि निरीक्षण के दौरान किसी प्रतिष्ठान में निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में निगम आयुक्त कम अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, सांपला की उपमंडलाधीश अंकिता पुवार, महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह, सिंचाई विभाग अधीक्षक अभियंता सतपाल दलाल, कार्यकारी अभियंता राजेश भारद्वाज, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
