सोनीपत के एक गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से करीब 10 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा शुक्रवार दोपहर उस समय हुआ, जब बच्चा अपने दोस्तों के साथ ड्रेन नंबर-8 के पास खेल रहा था।
खेलते-खेलते बच्चा वहां लगे बिजली के खंभे के संपर्क में आ गया। खंभे में करंट प्रवाहित होने के कारण बच्चा करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मृतक बच्चे के पिता की शिकायत पर मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने हादसे के लिए बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया।

पुलिस को दी शिकायत में मृतक बच्चे के पिता विनोद कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के थाना निगोही क्षेत्र के गांव सफौरा चक का रहने वाला है। वह वर्तमान में अपने परिवार के साथ गांव बारोटा में किराये के मकान में रहता है। विनोद कुमार के अनुसार वह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं।
विनोद कुमार ने पुलिस को बताया कि उसका छोटा बेटा अंकित कुमार 14 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए घर से निकला था। वह गांव बारोटा में ड्रेन नंबर-8 के पास दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते अंकित बिजली के खंभे के संपर्क में आ गया।
करंट लगने से बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय उसके साथ कुछ अन्य बच्चे भी खेल रहे थे। अंकित आंठवी कक्षा में अकबरपुर बारोटा में सरकारी स्कूल में पढ़ाई करता था और इसके बाद एक लड़का और लड़की पीछे रह गई है।
शिकायत के अनुसार बिजली के खंभे में करंट प्रवाहित हो रहा था। जैसे ही अंकित ने खंभे को छुआ, वह बिजली के करंट की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों को इसकी सूचना दी गई।
बच्चे के पिता विनोद कुमार ने अपनी शिकायत में बिजली विभाग को हादसे के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार बताया है। उनका आरोप है कि बिजली के खंभे में करंट आ रहा था, जिसके कारण उनके बेटे की जान चली गई। उन्होंने पुलिस से बिजली विभाग के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कई जगह बिजली के तार काफी नीचे लटक रहे हैं और बिजली के खंभों की स्थिति भी ठीक नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, तारों की खराब स्थिति के कारण लोगों के सिर पर हर समय हादसे का खतरा मंडराता रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली विभाग की ओर से समय रहते नीचे लटक रहे तारों को ठीक कर दिया जाता और बिजली व्यवस्था का उचित रखरखाव किया जाता, तो शायद इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था। उनका कहना है कि यह समस्या केवल एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे गांव के लोगों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
विनोद कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत अपने दामाद परविंद्र से लिखवाई और इसके बाद पुलिस को पेश की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई के अनुसार 14 अगस्त को शाम करीब 4 बजे पुलिस चौकी बारोटा को डायल-112 की ईआरवी-715 से सूचना मिली कि एक व्यक्ति की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई है। सूचना मिलने के बाद एएसआई सुरेंद्र पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां मृतक बच्चे के पिता विनोद कुमार मौजूद मिले और उन्होंने अपनी लिखित शिकायत पुलिस को दी।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए मामले की जांच शुरू की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार घटनास्थल पर एफएसएल टीम को पहुंचने के लिए भी सूचित किया गया। पुलिस ने मौके से संबंधित साक्ष्यों को जुटाने और हादसे की परिस्थितियों की जांच की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रारंभिक तौर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है। 14 अगस्त की रात करीब 9 बजे पुलिस को शिकायत मिलने के बाद थाना कुंडली में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
इस हादसे के बाद गांव बारोटा में बिजली व्यवस्था और खंभों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि यदि बिजली के खंभे में करंट प्रवाहित हो रहा था और वह बच्चों की पहुंच वाले स्थान पर था, तो वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए थे। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि खंभे में करंट किन परिस्थितियों में आया और हादसे के लिए किसी कर्मचारी की लापरवाही या तकनीकी खामी जिम्मेदार थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफएसएल जांच और घटनास्थल से जुटाए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर हादसे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा। वहीं, बच्चे की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े।
