पंजाबी सिंगर राजवीर जवंदा के अंतिम संस्कार का एक फेक वीडियो वायरल होने का मामला सामने आया हैं । जिसमें एक महिला यह कहते हुए सुनाई दे रही है कि पगड़ी को न छेड़ो, टौर खराब न करो। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें जवंदा की बहन कर्मजीत कौर लोगों को ये सब कह रही है।
हालांकि असल में यह वीडियो साल 2024 का है। जिसमें डेडबॉडी पंजाब पुलिस के कॉन्स्टेबल अमृतपाल सिंह की है। पगड़ी व टौर खराब न करने की बात कॉन्स्टेबल की पत्नी आपने मृतक पति से कह रही हैं।
चूंकि अमृतपाल और राजवीर जवंदा को अंतिम संस्कार से पहले लाल रंग की पगड़ी पहनाई गई थी, उसी को आधार बनाकर यह वीडियो वायरल किया गया। इससे पहले मोहाली अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी जवंदा की एक फेक फोटो वायरल की गई थीं।
वीडियो में अर्थी पर डेडबॉडी पड़ी है। जिसके सिर पर लाल रंग की पगड़ी बांधी गई है। आसपास कई महिलाएं खड़ी हैं। इनमें से एक महिला लोगो को कहती नज़र आती है- पग न खराब करो, पग क्यों खराब करते तुसी, मेरे बंदे दी टौर नीं खराब करनी किसे ने। इसके बाद महिला 5 बार कहती है- किन्नी टौर लगदी।
पड़ताल मे पता चला हैं कि यह वीडियो 18 मार्च 2024 का है। जिसे होशियारपुर जिले के दसूहा क्षेत्र के जंडोर गांव में बनाया गया था। 17 मार्च 2024 को इस गांव के रहने वाले सीआईए स्टाफ के कॉन्स्टेबल अमृतपाल सिंह मुकेरियां में गैंगस्टरों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। होशियारपुर की सीआईए टीम को सूचना मिली थी कि मुकेरियां के मेहतपुर में कुछ लोगों ने हथियार रखे हैं। सीआईए की टीम सूचना मिलने पर वहां रेड करने गई तो उनकी गैंगस्टर सुखविंदर सिंह उर्फ राणा मंसूरपुरिया के साथ मुठभेड़ हो गई।
उसी मुठभेड़ में कॉन्स्टेबल अमृतपाल शहीद हो गए थे। 18 मार्च को उनके गांव जंडोर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जब अमृतपाल के शव को संस्कार के लिए ले जा रहे थे तो उनकी पत्नी ने उनकी पगड़ी को लेकर ये बातें कही थी।
