उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। रायबरेली-उन्नाव हाईवे के किनारे एक बड़े लोहे के बक्से में युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक की हत्या का आरोप उसकी पत्नी नेहा रावत और उसके करीबी जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल पर है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव को बक्से में बंद करके लोडर की मदद से हाईवे किनारे फेंका गया था। CCTV फुटेज और वाहन की पहचान के जरिए पुलिस ने करीब 12 घंटे में मामले का खुलासा किया।
इस घटना ने मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड की याद ताजा कर दी है। हालांकि, उन्नाव के इस मामले में शव को ड्रम के बजाय लोहे के बक्से में छिपाया गया था।
हाईवे किनारे बक्से में मिला युवक का शव
जानकारी के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2026 की रात पुलिस को रायबरेली-उन्नाव हाईवे पर हेल्थ अस्पताल के सामने एक संदिग्ध लोहे का बक्सा रखे होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और बक्सा खुलवाया तो उसके अंदर चादर और कंबल में लिपटा एक युवक का शव मिला।
मृतक की पहचान सोनू सविता के रूप में हुई। शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

पत्नी और उसके करीबी पर हत्या का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, सोनू की पत्नी नेहा रावत की नजदीकियां उनके साथ रहने वाले जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल से बढ़ गई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, सोनू और नेहा के बीच घरेलू विवाद होते रहते थे। पुलिस के अनुसार, नेहा ने पूछताछ में पति के शराब पीने और मारपीट करने से परेशान होने की बात कही।
आरोप है कि 19 और 20 अक्टूबर की दरमियानी रात विवाद के दौरान सोनू के सिर पर सिलबट्टे के लोढ़े से वार किया गया। इसके बाद उसका मुंह कंबल से दबाने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में नेहा और जितेंद्र की भूमिका सामने आई है। हत्या के सटीक घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

शव को बक्से में बंद कर हाईवे तक पहुंचाया
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद सोनू के शव को चादर और कंबल में लपेटकर एक बड़े लोहे के बक्से में रखा गया। इसके बाद घरेलू सामान शिफ्ट करने के बहाने करीब 1,200 रुपये में एक लोडर किराये पर लिया गया।
आरोप है कि दो अन्य लोगों की मदद से बक्से को लोडर में रखवाया गया और हाईवे किनारे छोड़ दिया गया। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए। पुलिस जांच में सामने आया कि शव को ठिकाने लगाने के लिए वाहन और मजदूरों की मदद ली गई थी।
CCTV फुटेज से खुला हत्याकांड का राज
बक्सा मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV और वाहन नंबर पहचानने वाले कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक लोडर संदिग्ध दिखाई दिया, जो बक्सा लेकर घटनास्थल की ओर जाता और बाद में खाली लौटता नजर आया।
वाहन के नंबर के आधार पर पुलिस उसके मालिक तक पहुंची। पूछताछ के बाद जांच की दिशा सोनू के घर की ओर मुड़ी और नेहा समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आई। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की थीं।
पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी पुलिस संरक्षण में
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने नेहा रावत, जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल और तौहीद नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक नाबालिग को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है। लोडर चालक की भूमिका को लेकर भी जांच की गई।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए जाने का आरोपित सिलबट्टा, शव रखने वाला लोहे का बक्सा और लोडर बरामद किए हैं। मृतक के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड की आई याद
उन्नाव की इस घटना में शव को बक्से में बंद करके हाईवे किनारे छोड़ने के तरीके ने मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड की याद ताजा कर दी। दोनों मामलों में शव को छिपाने और वारदात के बाद उसे ठिकाने लगाने के आरोप सामने आए हैं।
फिलहाल, उन्नाव पुलिस की जांच में CCTV फुटेज, वाहन की आवाजाही और आरोपियों से पूछताछ अहम कड़ियां रही हैं। मामले में आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
नोट: यह खबर मीडिया रिपोर्टों और पुलिस जांच के संबंध में प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।
