रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह (Honey Singh) इन दिनों अपने ‘माई स्टोरी – इंडिया चैप्टर’ टूर पर हैं। शनिवार, 28 मार्च को बांद्रा स्थित एमएमआरडीए ग्राउंड्स में उन्होंने परफॉर्म किया। इस दौरान उन्होंने ‘डोप शोप’, ‘ब्लू आइज’, ‘ब्राउन रंग’, ‘मिलियनेयर’, ‘देसी कलाकार’ और ‘लुंगी डांस’ जैसे हिट गानें गाए।
फैंस के बीच हनी सिंह की कैसी दीवानगी है ये बात किसी से छुपी नहीं है। भीड़ उन्हें देखकर क्रेजी हो जाती है। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक फीमेल फैन गेट चढ़कर उसे जबरदस्ती क्रास करने की कोशिश कर रही थी जिससे कॉन्सर्ट में अफरा-तफरी मच गई।
वीडियो में फीमेल फैन गायक के कॉन्सर्ट के बाहर इंतजार करते हुए, बंद गेट पर चढ़कर अंदर जाने की कोशिश करते दिखाई दे रही है। जब दूसरी तरफ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका, तो वह चिल्लाने लगी और उन्हें गालियां देने लगी। इस झड़प को वहां मौजूद अन्य लोगों ने वीडियो में कैद कर लिया।
मुंबई के MMRDA ग्राउंड में आयोजित रैपर यो यो हनी सिंह के ‘माय स्टोरी – इंडिया चैप्टर’ कॉन्सर्ट के आयोजकों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने पुलिस की मनाही के बावजूद एयरपोर्ट जोन के पास खतरनाक लेजर लाइट्स का इस्तेमाल किया।
यह कॉन्सर्ट 28 मार्च 2026 को आयोजित किया गया था, जिसमें सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होने की जानकारी सामने आई। मुंबई पुलिस ने कॉन्सर्ट आयोजक ‘तमन्नाज वर्ल्डवाइड’ के प्रतिनिधि इंद्रजीत सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, MMRDA ग्राउंड मुंबई एयरपोर्ट के बेहद करीब स्थित है, इसलिए वहां लेजर लाइट्स के इस्तेमाल पर रोक थी। इसके बावजूद आयोजकों ने हाई-बीम लेजर लाइट्स का प्रयोग किया, जो पायलटों के विज़न में बाधा डाल सकती थीं और विमानों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती थीं।

FIR के मुताबिक, आयोजकों ने पुलिस को बताया था कि कार्यक्रम में लगभग 12,000 लोग शामिल होंगे। लेकिन कॉन्सर्ट के दौरान वास्तविक भीड़ 18,000 से 20,000 के बीच पहुंच गई।
क्षमता से अधिक लोगों के जुटने के कारण पुलिस के लिए सुरक्षा प्रबंध बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया। भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और स्थिति के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहा।
इस मामले में कानूनी पहलू यह है कि सितंबर 2024 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सार्वजनिक जगहों पर लेजर लाइट्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से इनकार किया था। कोर्ट ने कहा था कि बिना वैज्ञानिक प्रमाण के इस पर पूर्ण बैन नहीं लगाया जा सकता।
हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि पुलिस को लगे कि लेजर लाइट्स खतरनाक हैं या सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर रही हैं, तो वे संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं
