हरियाणा सरकार के एक ऑर्डर ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) के माध्यम से भर्ती किए गए अनुबंधित कर्मचारियों को परेशान कर दिया है। इसका कारण रिक्त पदों पर काम कर रहे कर्मचारी, जो हरियाणा अनुबंधित कर्मचारी (जॉब सिक्योरिटी) एक्ट, 2024 के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।

सरकार के इस ऑर्डर के बाद कांग्रेस भी सवाल उठा चुकी है। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला इसको लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

1. पोस्ट खाली नहीं होने पर ये हटेंगे कर्मचारी

2. ऑर्डर में पहले आओ, पहले पाओ लागू किया

3. किस संविदा कर्मचारी को सेवा सुरक्षा का लाभ मिलेगा?

राज्य सरकार के कर्मचारियों की सर्वोच्च संस्था सर्व कर्मचारी संघ ने इस फैसले को अवैध और बिना किसी औचित्य के बताया है। सर्व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा, राज्य सरकार बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का दावा कर रही है, लेकिन इस फैसले से बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार को तुरंत इस आदेश को वापस लेना चाहिए, ताकि किसी भी संविदा कर्मचारी की छंटनी न हो।

1. HKRN के केवल उन कर्मचारियों को ‘सिक्योरिटी ऑफ सर्विस” दी जाएगी, जो 15 अगस्त 2019 से पहले HKRN या कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से लगे हैं।

2. 15 अगस्त, 2019 के बाद HKRN के माध्यम से लगे कर्मचारियों को “फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट” के सिद्धांत से नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।

3. यानी 15 अगस्त, 2019 के बाद जो सबसे पहले लगा है, और जिसकी सर्विस जितनी ज्यादा है, उसे ही सबसे पहले बर्खास्त किया जाएगा।

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