पहाड़ों के साथ-साथ अब हरियाणा के मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर बढ़ने लगा है। हिमाचल प्रदेश के शहरों के बराबर हरियाणा के शहरों का तापमान पहुंचना लगा है। हिमाचल की राजधानी शिमला में जहां न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं हिसार व महेंद्रगढ़ जिले में तापमान 7.6 डिग्री तक पहुंच गया है।
वहीं सोलन में तापमान 7.5, कुल्लू में 6.1 और मनाली में पारा 4.1 डिग्री दर्ज किया गया है। पिछले दो दिनों से राज्य में दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार बढ़ने से आने वाले दिनों में रात का तापमान और नीचे जा सकता है।
शनिवार को हरियाणा के महेंद्रगढ़ में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा। वहीं हिसार में रात का पारा 7.7 डिग्री तक पहुंच गया। राज्य के सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान 30 डिग्री से कम दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रात का तापमान अगले कुछ दिनों में 1 से 2 डिग्री और गिर सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाएं और तेज चलने से रातें और ठंडी होंगी, लेकिन दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है। दिन का तापमान 1 से 2 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने किसानों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द गेहूं की बिजाई पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि सरसों की फसल में यदि किसी प्रकार की बीमारी दिखाई दे तो किसान नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें और उचित उपचार प्राप्त करें।
डॉ. खीचड़ ने बताया कि फिलहाल राज्य में 12 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस दौरान रात का तापमान और गिर सकता है, जिससे सुबह के समय कोहरा बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और देर शाम के समय ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
