पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी ने उनके जन्मदिन पर आयोजित रक्तदान शिविर में शांति की अपील की। उन्होंने मुस्लिम और कश्मीरियों के खिलाफ नफरत भरे बयानों की निंदा की। हिमांशी ने कहा कि पहलगाम में 26 जानें लेने वाले आतंकियों को सजा मिलनी चाहिए।

पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी ने गुरुवार को कहा, ‘घटना के बाद लोग जिस तरह से मुस्लिम और कश्मीरियों के खिलाफ बोल रहे हैं, वो नहीं होना चाहिए। वी वांट… जस्ट पीस एंड ऑनली पीस। हमें न्याय चाहिए। जिन लोगों ने गलत किया है उनको सजा मिलनी चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘पूरे देश से अपील करना चाहती हूं कि विनय नरवाल के लिए प्रार्थना करें। मैं एक और चीज कहना चाहती हूं कि मुझे किसी से नफरत नहीं है।’उन्होंने ये बात पति विनय के बर्थडे पर आयोजित रक्तदान शिविर के दौरान कही। शिविर में हिमांशी ने परिवार सहित रक्तदान किया। इस दौरान परिवार के सदस्यों की आंखों में आंसू आ गए।पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी। इनमें विनय भी शामिल थे। विनय को पत्नी हिमांशी के सामने ही गोली मारी गई थी।

हिमांशी नरवाल ने कहा कि हम नहीं चाहते कि किसी और के साथ वैसा हो, जैसा हमारे साथ हुआ। हम सिर्फ शांति चाहते हैं। उन आतंकियों को सजा मिलनी चाहिए, जिन्होंने मासूमों को मारा। उन्हें सजा जरूर मिलनी चाहिए। उन्होंने मुस्लिम और कश्मीरियों के खिलाफ नफरत भरे बयानों पर आपत्ति जताई है। हिमांशी ने कहा कि यह सही नहीं है। हिमांशी से जब सवाल किया कि उनके पति ने देश सेवा का रास्ता चुना था, क्या वह भी इस पर आगे बढ़ेंगी तो उन्होंने हां में जबाव दिया।

विनय की बहन सृष्टि नरवाल ने कहा- रक्तदान शिविर भाई विनय के जन्मदिन पर खास तौर पर लगाया गया है। जो लोग एक साथ यहां रक्तदान करने पहुंचे हैं, उन सभी का परिवार की तरफ से आभार है। करनाल ही नहीं, बल्कि शहर के बाहर से भी लोग श्रद्धाभाव लेकर पहुंचे हैं और रक्तदान कर रहे हैं। लोगों की सहभागिता से विनय के विचारधारा को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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