रोहतक में भारत-पाकिस्तान के तनाव को देखते हुए हेल्थ विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। पीजीआईएमएस में जहां 2 हजार 280 बेड की क्षमता है, वहीं सिविल अस्पताल में 200 बेड हैं। इनमें से 255 बेड को हेल्थ विभाग ने रिजर्व किया है, ताकि आपातकालीन हालात में मरीजों का इलाज किया जा सके।
पीजीआईएमएस में युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। पीजीआई के इमरजेंसी में 65 बेड और ट्रोमा सेंटर में 120 बेड को रिजर्व कर दिया है। वहीं कोई मॉस कैजुअल्टी होती है तो आपातकाल विभाग के 6 नंबर कमरे में 20 बेड को रिजर्व किया गया है।
पीजीआई में आपात स्थिति से निपटने के लिए 900 ब्लड यूनिट को स्टोर किया गया है। इनमें हर ब्लड ग्रुप का ब्लड मौजूद है। इसके साथ ही सेंट्रल स्टोर में 750 से अधिक प्रकार के मरीज के इलाज में प्रयोग होने वाले मेडिकल उपकरण और दवाइयां उपलब्ध हैं। पीजीआईएमएस ऑक्सीजन के मामले में भी पूरी तरह से आत्मनिर्भर है और 4 लाख लीटर लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक भी संस्थान के पास है।
युद्ध जैसी स्थिति पैदा होने पर हेल्थ विभाग पूरी तैयारी के साथ काम करेगा। सिविल अस्पताल में 50 बेड रिजर्व किए गए हैं, जबकि अस्पताल की क्षमता 200 बेड की है। इसके साथ ही ब्लड स्टोर किया गया है। डॉक्टरों की छुट्टी रद्द की गई हैं। इमरजेंसी व डिलीवरी के लिए अलग से डॉक्टर नियुक्त किए है। वहीं, कई प्रकार की दवाइयां भी उपलब्ध है। आवश्यकता अनुसार बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी।
CMO डॉ. रमेश चंद्र आर्य ने कहा कि युद्ध जैसे हालात बनने की स्थिति से निपटने के लिए हेल्थ विभाग पूरी तरह से तैयार है। हर प्रकार की सुविधाओं का प्रबंध कर लिया है। रोजाना डॉक्टरों के साथ मीटिंग हो रही है। सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए है।

