एशियन गेम्स में ट्रैप शूटिंग में 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली हरियाणा की बेटी नीरू ढांडा का बुधवार को जींद में जोरदार स्वागत किया गया। जयंती देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नीरू रोड शो करते हुए अपने गांव संगतपुरा पहुंचीं। यहां ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। अब नीरू अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ डिनर में शामिल होने के लिए दिल्ली जाएंगी।
मंदिर में पूजा के बाद निकाला रोड शो
नीरू ढांडा बुधवार को जींद पहुंचीं तो सबसे पहले जयंती देवी मंदिर में माथा टेका और पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर से संगतपुरा गांव तक रोड शो निकाला गया। रोड शो में ट्रैक्टर भी शामिल रहे। गांव पहुंचने पर उनकी बुआ आजादो देवी ने चूरमा खिलाकर स्वागत किया। गांव में नीरू के पहुंचने पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
गांव के स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा, मंत्री रणबीर गंगवा और मंत्री महिपाल ढांडा सहित कई गणमान्य लोग पहुंचे।
10 हजार से ज्यादा लोगों के लिए भोज का इंतजाम
नीरू की उपलब्धि की खुशी में गांव की ओर से बड़े स्तर पर भोज का आयोजन किया गया। इसमें 10 हजार से अधिक लोगों के खाने की व्यवस्था की गई। मेन्यू में हलवा, पूरी, चावल, आलू और छोले की सब्जी रखी गई।
गांव की ओर से 95 गांवों में रहने वाले ढांडा गोत्र के परिवारों को पारंपरिक चूल्हा न्योता दिया गया। गांव के सरपंच प्रतिनिधि सुनील कुमार के अनुसार, भोज के लिए ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा किया, जिससे करीब 10 लाख रुपये जुटाए गए। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं संभालने के लिए छह कमेटियां बनाई गई थीं।
PM मोदी के साथ डिनर में शामिल होंगी नीरू
मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ डिनर के लिए आमंत्रित किया गया है। नीरू भी अपने परिवार के साथ दिल्ली जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार जल्द ही खिलाड़ियों को सम्मानित करेगी।
मां ने PM मोदी के लिए भेजा पांच रोटी का चूरमा
नीरू की मां सुदेश ने बताया कि बेटी करीब तीन महीने बाद गांव लौटी है। नीरू को खाने में चूरमा और टींडी की सब्जी बेहद पसंद है, इसलिए उसके लिए ये दोनों चीजें बनाई गईं।
मां ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी पांच रोटियों का चूरमा बनाकर दिल्ली भेजा है। बेटी के एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद से ही संगतपुरा में खुशी का माहौल है।
नीरू बोलीं- दूसरी जगहों से भी निकलेंगी और नीरू
स्वागत समारोह के दौरान नीरू ढांडा ने कहा कि उनके गांव से पहले भी दो-तीन खिलाड़ी निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके गांव से एक नीरू निकल सकती है तो दूसरी जगहों से भी ऐसी खिलाड़ी सामने आएंगी।
नीरू ने सरकार से आग्रह किया कि महिला खिलाड़ियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी उचित मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ते रहना चाहिए और देश के लिए योगदान देना चाहिए।
कबड्डी छोड़ शूटिंग में बनाई पहचान
नीरू ढांडा ने स्कूली दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खेली थी। बाद में उन्होंने शूटिंग को अपना करियर बनाया। शुरुआती दिनों में उन्होंने उधार की बंदूक से अभ्यास किया। परिवार ने भी उनके खेल के सपने को पूरा करने के लिए मेहनत की।
उन्होंने अमृतसर की यूनिवर्सिटी से बीए की पढ़ाई की और शूटिंग का अभ्यास जारी रखा। नवंबर 2025 में अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्हें सेना में नौकरी मिली। फिलहाल वह भारतीय सेना की मिलिट्री पुलिस में सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं।
एशियन गेम्स में दो गोल्ड और एक सिल्वर
जापान में आयोजित एशियन गेम्स में नीरू ने ट्रैप शूटिंग में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। महिला ट्रैप शूटिंग के व्यक्तिगत फाइनल में उन्होंने 30 में से 28 निशाने लगाए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया।
नीरू की इस उपलब्धि से उनके गांव संगतपुरा सहित पूरे हरियाणा में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा बन रही है।

