जींद/रोहतक। हरियाणा के जींद जिले में नौकरी लगवाने के नाम पर तीन महिलाओं से कथित तौर पर 6 लाख 92 हजार 150 रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोप हरियाणा पुलिस के एक सिपाही रिंकू पर लगा है, जो वर्तमान में रोहतक में तैनात बताया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने महिलाओं को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत आंगनबाड़ी सुपरवाइजर के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। जुलाना थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंत्री का PSO रह चुका होने का किया दावा
शिकायतकर्ता शुक्रिता के अनुसार, वह जुलाना में ज्योति के साथ जिम चलाती हैं। उनके पति हरियाणा पुलिस में EHC के पद पर तैनात हैं। जिम में आने-जाने के दौरान उनकी पहचान सिपाही रिंकू से हुई थी। आरोप है कि रिंकू ने खुद को कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा का करीबी बताया और दावा किया कि वह पहले मंत्री की सुरक्षा में तैनात रह चुका है।
इसी पहचान और संपर्कों का हवाला देते हुए उसने शुक्रिता, ज्योति और ब्राह्मणवास निवासी सोनिया को HKRN में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया।
तीनों महिलाओं से लिए 6.92 लाख रुपये
शिकायत के मुताबिक, जून 2026 में तीनों महिलाओं ने नौकरी मिलने की उम्मीद में आरोपी को कुल 6,92,150 रुपये दिए। आरोप है कि सिपाही ने भरोसा दिलाया था कि बैक डेट से जॉइनिंग दिखाकर 15 जुलाई तक जॉइनिंग लेटर दिलवा दिए जाएंगे।
हालांकि, तय समय बीतने के बाद भी महिलाओं को जॉइनिंग लेटर नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शुरुआत में आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में रुपये लौटाने से इनकार कर दिया।
जुलाना थाने में शिकायत, FIR दर्ज
पैसे वापस नहीं मिलने पर महिलाओं ने जुलाना थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी सिपाही रिंकू फिलहाल रोहतक में तैनात है।
2019 में पुलिस में भर्ती हुआ था आरोपी
मामले के जांच अधिकारी ASI अजय कुमार के अनुसार, आरोपी रिंकू वर्ष 2019 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुआ था। यह जानकारी भी सामने आई है कि वह 2022-23 के दौरान मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के रूप में तैनात रह चुका है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

