रोहतक, 29 अगस्त।राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पीजीआईएमएस रोहतक में खेल और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पहले दिन स्पोर्ट्स मेडिसिन डिपार्टमेंट, स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर और फिजियोथेरेपी कॉलेज द्वारा आम लोगों को स्पोर्ट्स इंजरी और उनके इलाज के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष पोस्टर एग्जिबिशन का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी के सामने वाले हॉल में लगाई गई।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव और हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. रूप सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने स्पोर्ट्स मेडिसिन डिपार्टमेंट के रेजिडेंट्स और फिजियोथेरेपी कॉलेज के छात्रों द्वारा लगाए गए पोस्टरों का बारीकी से जायजा लिया और छात्रों के प्रयासों की सराहना की।
लोगों को संबोधित करते हुए कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि हरियाणा आज भारत की स्पोर्ट्स कैपिटल बन रहा है। बड़े इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स में, हरियाणा के खिलाड़ी सबसे ज्यादा मेडल जीत रहे हैं, जबकि देश की कुल आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी सिर्फ दो परसेंट है। यह हमारे युवाओं की मेहनत और प्रदेश के स्पोर्ट्स कल्चर का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को चोटों से बचाना और चोट लगने पर सही और आधुनिक इलाज देना बेहद जरूरी है, जिसमें स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग की भूमिका सबसे अहम है।
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हॉकी के जादूगर को किया नमन
डॉ. रूप सिंह ने बताया कि नेशनल स्पोर्ट्स डे हर साल 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर मनाया जाता है। भारत में इस दिन को मनाने का उद्देश्य खेलों के प्रति युवाओं को प्रेरित करना और खेल भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
इस अवसर पर स्पोर्ट्स मेडिसिन डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डॉ. राजेश रोहिल्ला ने बताया कि हरियाणा में स्पोर्ट्स का शानदार कल्चर है, यहां के लगभग सभी गांवों में स्पोर्ट्स नर्सरी हैं और यहां के युवा खेलों के प्रति बेहद प्रेरित हैं। पोस्टर एग्जिबिशन में आम स्पोर्ट्स इंजरी जैसे लिगामेंट इंजरी, फ्रैक्चर, मसल्स पेन, टेनिस एल्बो और उनके आधुनिक इलाज, सर्जरी और फिजियोथेरेपी पर विशेष जोर दिया गया।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल और निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने भी स्पोर्ट्स मेडिसिन डिपार्टमेंट को नेशनल स्पोर्ट्स डे के सफल आयोजन के लिए बधाई दी है और कहा है कि पीजीआईएमएस रोहतक खिलाड़ियों के इलाज के लिए पूरी तरह तैयार है।
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30 अगस्त को होगी स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने जानकारी दी कि इसी कड़ी में 30 अगस्त को स्पोर्ट्स इंजरी पर एक स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश भर के ऑर्थोपेडिक सर्जन, स्पोर्ट्स मेडिसिन एक्सपर्ट और फिजियोथेरेपिस्ट भाग लेंगे और खेलों के दौरान लगने वाली गंभीर चोटों के नए इलाज और रिहैबिलिटेशन पर मंथन करेंगे।
एग्जिबिशन में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में डॉ. संजीव डांगी, डॉ. हेमलता और डॉ. शिवानी को संयुक्त रूप से पहला स्थान मिला, जबकि डॉ. अवंतिका को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। सभी विजेताओं को कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने सम्मानित किया।
इस मौके पर डॉ. राज सिंह, डॉ. वीरेंद्र, डॉ. मोहित दुआ, डॉ. साहिल अरोड़ा, डॉ. मनदीप, डॉ. दिव्या गुप्ता के साथ-साथ फिजियोथेरेपी के छात्र और रेजिडेंट डॉक्टर भी मौजूद रहे।





