केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से हरियाणा को भी कई उम्मीदें हैं। सूबे के NCR एरिया में आने वाले 14 जिलों के लिए CM मनोहर लाल खट्टर विशेष पैकेज की मांग कर चुके हैं। इन जिलों में बुनियादी ढांचे, पानी, कनेक्टिविटी को डेवलप करने और मेनटेंस पर खर्च के लिए सरकार को आर्थिक मदद की जरूरत है। सबसे अहम बात यह है कि राज्य के अधिकांश औद्योगिक क्षेत्र इन्हीं जिलों में आते हैं।

इसके अलावा हरियाणा सरकार NCR में केएमपी एक्सप्रेस-वे और उसके साथ 2.5 लाख हेक्टेयर के 5 शहर डवलप कर रही है। इसके लिए भी सरकार को आर्थिक मदद की जरूरत है। रेल आर्बिटल प्रोजेक्ट भी अहम है जिसके लिए हरियाणा को 2022-23 में केंद्र से 874 करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा नारनौल में इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब, गन्नौर में इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट बना रही है।

केंद्रीय बजट से पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर प्री-बजट बैठकों में व्यस्त हैं। 2023-24 बजट को लेकर वह अलग-अलग विभागों और संगठनों के साथ बैठकर बजट पर मंथन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि केंद्रीय बजट के बाद निर्यात बढ़ाने वाले उद्योग पर हरियाणा सरकार फोकस करेगी। इसकी वजह है कि रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने में उद्योगों का सरकार को हमेशा सहयोग मिलता रहता है।

हरियाणा के किसानों को भी केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं। कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चूंकि यह चुनावी वर्ष है इसलिए केंद्र सरकार अपने बजट में किसानों को बड़ी राहत दे सकती है। हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है और इसलिए केंद्रीय वित्त मंत्री हरियाणा और पंजाब के किसानों को लेकर बड़ी राहत दे सकती हैं।

हरियाणा के किसानों को भी केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं। कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चूंकि यह चुनावी वर्ष है इसलिए केंद्र सरकार अपने बजट में किसानों को बड़ी राहत दे सकती है। हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है और इसलिए केंद्रीय वित्त मंत्री हरियाणा और पंजाब के किसानों को लेकर बड़ी राहत दे सकती हैं।

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