मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने अग्निवीरों को सेना की सेवा अवधि के बाद नौकरी देने का प्रवाधान कर उनका भविष्य सुरक्षित किया है और उन्हें सुरक्षा कवच प्रदान किया है। राज्य पुलिस की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा। इसी तरह से वन विभाग में फॉरैस्ट गार्ड, जेल वार्डर और खनन गार्ड की नौकरी में भी 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है।

मुख्यमंत्री रविवार को पंचकूला स्थित पीडब्ल्यू.डी. रैस्ट हाऊस में अग्निवीरों को नौकरी में आरक्षण प्रदान करने को लेकर की गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर सेना की सेवा अवधि के बाद हरियाणा में नौकरी पा सकेंगे, इसको लेकर उनके लिए अलग से पोर्टल बनाया जाएगा जिस पर वे अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नौकरियों में वरीयता दी जाएगी। 

बैठक में जानकारी दी गई कि हरियाणा से वर्ष 2022-23 दौरान 2227 तथा 2023-24 दौरान लगभग 2893 अग्निवीर के रूप में थल, जल व वायु सेना में भर्ती हुए थे। हरियाणा में अग्निवीरों को खनन गार्ड, जेल वार्डर तथा एस.पी.ओ. की भर्ती में 10 प्रतिशत हॉरिजेंटल आरक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा ग्रुप सी की भर्ती में 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। जो अग्निवीर स्व-रोजगार या उद्यमशीलता को अपनाना चाहते हैं, उन्हें सस्ती दरों पर लोन उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा जो उद्योग अग्निवीरों को 30 हजार रुपए से अधिक मासिक वेतनमान पर सेवाओं में रखते हैं तो उन उद्योगों को सरकार 60 हजार रुपए वार्षिक सबसिडी भी उपलब्ध करवाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि जो अग्निवीर प्राइवेट सुरक्षा कर्मी के रूप में सेवाएं देना चाहते हैं तो उन्हें गन लाइसेंस प्रदान करने में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए अग्निवीरों को पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

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