रोहतक डीघल सीएचसी और उसके आसपास के क्षेत्र में आने वाले रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। पीजीआई ने पायलेट प्रोजेक्ट के जरिए यहां के मरीजों को टेलीमेडिसन के माध्यम से ऑनलाइन इलाज देना शुरू कर दिया है।

अब ग्रामीण केंद्र पर जाकर पीजीआई के विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज करा सकेंगे। शुक्रवार को हेल्थ यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. अनिता सक्सेना ने टेलीमेडिसन सुविधा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को शुरू करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) रीजनल डेमोस्ट्रेशन प्रोजेक्ट के जरिए डीजी सहायम स्कीम की टीम समेत अन्य डॉक्टर्स इसके लिए काम कर रहे हैं। इसमें सिर्फ क्रोनिक बीमारियों का इलाज किया जाएगा। जैसे ही मरीज सीएचसी पर जाएगा तो वहां डॉक्टर उसे स्पेशलिस्ट के पास रेफर करेगा। वहां प्रशिक्षित नर्स मरीज का रजिस्ट्रेशन करके उसकी हिस्ट्री लेगी। लैब टेस्ट कराएगी, जो एक टैब पर एप के माध्यम से रिकार्ड हो जाएगा। इसके बाद वहीं उपकरणों जैसे ईसीजी, ऑक्सीमीटर, बीपी, हार्ट रेट मोनिटर आदि के माध्यम से मरीज की जांच कर अपलोड कर देगी। डॉक्टर से आनॅलाइन सलाह करवाएगी। कार्यकारी सिविल सर्जन झज्जर डॉ. टीएस बागड़ी ने बताया कि आनॅलाइन पर्ची से दवा मिलेगी।
कम्युनिटी मेडिसन विभाग की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. मीना राजपूत ने बताया कि इससे मरीज के पैसे और समय दोनों की बचत होगी। यह ओपीडी निशुल्क रहेगी। इसका समय दोपहर 12 से 2 बजे तक रखा जाएगा। अभी शिशु, चर्म रोग और मेडिसन विभाग सहित कुल तीन विभागों को इसमें जोड़ा जाएगा। इसमें बुधवार को शिशु विभाग के चिकित्सक आनॅलाइन रहेगा। गुरुवार को चर्म रोग विभाग के चिकित्सक और शुक्रवार को मेडिसन विभाग के डॉक्टर उपस्थित रहेंगे।
