रोहतक नगर निगम में आयोजित खुले दरबार में सबसे अधिक शिकायतें प्रॉपर्टी आईडी में दिक्कतों से संबंधित पहुंची। प्रॉपर्टी आईडी में किसी जमीन के मालिक को बदल दिया तो किसी की जमीन ही कम दिखा दी। वहीं, कई लोगों को टैक्स भरने के बाद फिर से नोटिस भेज दिया। खुले दरबार में शिकायत पहुंचने के बाद आयुक्त ने समय पर कार्रवाई नहीं करने के कारण क्लर्क और बेलदार को सस्पेंड भी कर दिया।
नगर निगम द्वारा पहली बार खुला दरबार लगाया गया। जिसमें अनेक लोग अपनी-अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। जिसमें आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने शिकायतों को सुना। खुले दरबार का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार संबंधित शिकायतों की सुनवाई करना व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना था। जिसमें तीन शिकायतें भ्रष्टाचार संबंधित मिली। जिनकी जांच शुरू करवा दी है।
खुले दरबार में पहुंची शिकायतों में सबसे अधिक प्रॉपर्टी आईडी में आ रही दिक्कत संबंधित मिली हैं। साथ ही शिकायतकर्ताओं ने कर्मचारियों पर लेट लतीफी का भी आरोप लगाया है। जिसके आधार पर प्रॉपर्टी संबंधित काम ठीक समय पर आयुक्त ने नहीं करने के कारण क्लर्क को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं।

इंद्रा कॉलोनी निवासी राघव वशिष्ठ ने बताया कि बताया कि 127 गज का प्लाट है, जिसमें 8 हिस्सेदार हैं। जिनको 15 मार्च को जमीन अलाट होने का पत्र मिल चुका था। लेकिन नई प्रॉपर्टी आईडी नहीं दे रहे। जिसके कारण यह जमीन उनके नाम भी नहीं चढ़ रही। जिसके लिए वे 4 बार आवेदन कर चुके हैं और बार-बार रिजेक्ट कर देते हैं।
सैनी आनंद पुरा निवासी सत्यनारायण सैनी ने कहा कि उसकी तीन-चार प्रॉपर्टी आईडी हैं, जो सभी गलत बनाई हुई हैं। उन्होंने बताया कि उनके मकान को भाई की पत्नी के नाम दिखा दिया और भाई का मकान उसके नाम, जबकि वह अपने मकान का हाउस टैक्स भी भर चुका है। अब फिर से हाउस टैक्स बकाया दिखा दिया। एक प्लाट 1037 गज का बाइपास पर है। नई आईडी में उसके प्लाट की जमीन को घटा दिया।
बाबरा मोहल्ला निवासी आशीष ने बताया कि उसके नाना ने करीब 32 गज का मकान उसे दिया था। पुराना मकान होने के कारण उसका मकान टपकने लगा। जिसके बाद उसने नया मकान बनाना चाहा। जब अपने मकान का निर्माण आरंभ किया तो नगर निगम की DTP के पति ने उन्हें धमकाया और मकान की शेटरिंग भी गिरा दी। अपनी शक्तियों का गलत प्रयोग करते हुए पुलिस व नगर निगम की टीम को भेजकर मानसिक रूप से परेशान करता है। साथ ही धमकी देते हुए उसने कहा कि किसी भी सूरत में मकान बनाने नहीं देगा।
