अब जैसे ही बच्चा जन्म लेगा तो उसे उसकी विशिष्ट पहचान मिल जाएगी। यानि उसे जन्म के तुरंत बाद उसके माता पिता को उसका जन्म प्रमाण पत्र व आधार पंजीयन उपलब्ध करा दिया जाएगा। दोनाें ही चीजें एक साथ ही जारी होगी। बशर्ते जन्मप्रमाण पत्र कम्प्यूटराइज्ड प्रणाली से बना हाे। हालांकि यह सुविधा अभी देश के कुल 16 राज्यों में ही मिल रही है , लेकिन सरकारी सूत्रों की मानें तो बहुत जल्द यह सुविधा देश भर में उपलब्ध होगी।

इस सुविधा के अंतर्गत नवजात का जन्म प्रमाणपत्र जारी होते ही, भारतीया विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को इसका संदेश पंहुच जाता है। इससे वह तत्काल नामांकन आईडी नंबर जारी कर देते है। शेष आवश्यक जानकारी और तस्वीर को बच्चे के माता-पिता में से किसी के भी आधार कार्ड से जोड कर प्रोसेस किया जाता है ।

आधार पंजीयन में 5 वर्ष तक के बच्चे का बायोमेट्रिक नहीं लिया जाता है । इस सुविधा में बच्चे के आधार को उसके माता-पिता के आधार कार्ड से जोड दिया जाता है । जब वह बच्चा 15 वर्ष का हो जाता है तब उसका बायोमेट्रिक अपडेट (हाथ की दस उंगलियाें, आंखों की पुतलियों और चेहरे का फोटो) किया जाता है।

जानकारी के अनुसार देश में अब तक लगभग 134 करोड़ आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जिनमें बीते वर्ष में आधारकार्ड अपडेट और नए पंजीयन का आंकडा 20 कराेड के आसपास है । नये पंजीयन में नवजात शिशु से लेकर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं। वहीं लगभग 30 लाख नये वयस्कों के नाम भी आधार पंजीयन में जुडे है। बता दें आधार ही एक मात्र ऐसा माध्यम है जो केंद्र सरकार और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ दिलवाने में सहायता करता है।

जिन बच्चों को यह सुविधा नहीं मिल पायी है और उनकी उम्र 5 साल से कम है वह भी आधार पंजीयन करवा सकते हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अनुसार 5 साल से कम उम्र के बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए बच्चे के माता-पिता मे से किसी भी एक जन को अपने आधार कार्ड और बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के साथ आधार पंजीयन केंद्र पर जाना है।

वहां जाकर बच्चे के पंजीयन के लिए आवेदन करना है । विशेष ध्यान रखें कि माता-पिता में से जिसका भी आधार कार्ड बच्चे के आधार पंजीयन मे लगाया जा रहा है वह ही बच्चे के साथ जाएं।

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