रोहतक: नगर निगम प्रशासन अब वार्डों में फॉगिंग नहीं कराएगा। इससे अस्थमा व दिल के रोगियों को दिक्कत हो सकती है। जिस घर में डेंगू का रोगी मिलेगा, उससे 50-50 घर आगे-पीछे फॉगिंग होगी। यह गाइड लाइन स्वास्थ्य विभाग ने दी है।
बरसात के मौसम में शहर के तमाम खुले मैदानों, पार्कों और टूटे जर्जर रास्तों पर जलभराव बना हुआ है। इसकी वजह से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों से बचाव को लेकर बेवजह फॉगिंग कराने पर रोक लगा दी है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बेवजह फॉगिंग करने से अस्थमा व दिल के रोगियों को दिक्कत महसूस होती है। इसलिए फॉगिंग तभी की जाएगी जब किसी वार्ड में डेंगू का रोगी मिलेगा। डेंगू का रोगी मिलने पर भी पूरे वार्ड की बजाय सिर्फ जिस मकान में रोगी है, उसके आगे-पीछे 50-50 घरों में ही फॉगिंग होगी।
नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुंदर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग को लेकर गाइड लाइन जारी की है। इसलिए निगम के वार्डों में फॉगिंग नहीं होगी। जिस घर में डेंगू का रोगी मिलेगा, उसके 50 मकान आगे और 50 मकान पीछे ही फॉगिंग होगी।
