भिवानी के खरक खुर्द गांव के एक 8वीं पास शख्स ने पुलिस के रोहतक पुलिस से लेकर स्टेट हेडक्वार्टर तक पूरी हिला कर रख दी। आरोप है कि इसने बीजेपी के नाम पर एक फर्जी मेल आईडी बना डीजीपी की ऑफिशियल मेल आईडी पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के साइन के साथ कलानौर थाने के सिपाही प्रीतम की बदली नूंह करने की सिफारिश की गई। डीजीपी ऑफिस की ओर से जब इस मेल और बदली सिफारिशी पत्र की जांच की गई तो पूरा मामला फर्जी मिला।
सिपाही प्रीतम कलानौर के विष्णु हत्याकांड में गवाह सीताराम का गनमैन तैनात है। इस केस में पूर्व विधायक बाली पहलवान आरोपी हैं। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस की स्पेशल टीम ने आरोपी विनोद को देर रात राउंडअप कर लिया है।
डीजीपी ऑफिस से मेल पर आई पूर्व मंत्री के नाम की एक सिफारिशी चिट्ठी पर एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर नवदीप सिंह विर्क की ओर से जांच शुरू कराई गई। इसमें साइबर टीम ने उस मेल एड्रेस को ट्रेस किया जिससे डीजीपी को मेल भेजी गई थी। आईडी फर्जी मिली। इसके बाद पुलिस ने रोहतक पुलिस के सिपाही प्रीतम सिंह से पूछताछ की। प्रीतम सिंह की बदली को लेकर ही कथित सिफारिश की गई थी। प्रीतम सिंह ने अपनी नूंह बदली को लेकर किसी प्रकार की सिफारिश कराने से मना किया। हालांकि उसने पूछताछ में अपने पड़ोसी विनोद पर शक जताया। इसके बाद पुलिस ने विनोद के साइबर ट्रैक रिकार्ड को जांचा तो उसकी पोल खुल गई।
