करनाल के 2 युवकों की अमेरिका में मौत हो गई। कैलिफोर्निया की झील में दोनों युवक नहाने के दौरान डूब गए। जबकि उनका एक साथी बाल-बाल बच गया। मृतकों की पहचान गोबिंदगढ़ गांव निवासी महताब सिंह (21) और चुरनी गांव निवासी इक्कम सिंह (17) के रूप में हुई है। इनके साथी फैजपुर निवासी चरणजीत सिंह (28) को लोगों ने पहले ही बाहर निकाल लिया था। परिवार ने दोनों युवकों को करीब एक साल पहले 80 लाख लगाकर डंकी के रास्ते अमेरिका भेजे थे। वहां दोनों डिपार्टमेंटल स्टोर पर काम करते थे।

परिवार के अनुसार, महताब सिंह, इक्कम सिंह और चरणजीत सिंह एक ही एक ही कमरे में रहते थे। 25 जून को वे कैलिफोर्निया की सैन फ्रांसिस्को झील में नहाने गए थे। झील में इक्कम सिंह सबसे आगे थे। उसके बाद महताब और चरणजीत थे। तभी इक्कम डूबने लगा। उसे बचाने के लिए महताब और चरणजीत सिंह गहराई में जाने लगे। उस दौरान तीनों डूब गए। आसपास के लोगों ने महताब और चरणजीत सिंह को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन इक्कम को कुछ पता नहीं चला।दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहां महताब की मौत हो गई। घटना के करीब 24 घंटे बाद इक्कम का शव झील से बरामद हुआ। जबकि चरणजीत सिंह की हालत ठीक है।

महताब के पिता गुलाब सिंह के मुताबिक बेटा करीब एक साल पहले डंकी से अमेरिका गया था। वहां उसका अच्छा काम चल रहा था। वह इकलौता बेटा था। 25 जून को हुए इस हादसे की सूचना महताब के फूफा ने दी। वह भी अमेरिका में ही रहते हैं। महताब और उसके दोस्त पहले कभी झील में नहाने नहीं गए थे। पहली बार गए और यह हादसा हो गया।

गुलाब सिंह ने कहा कि वह खेतीबाड़ी का काम करते हैं। उन्होंने करीब 35 लाख रुपए खर्च कर अपने बेटे को अमेरिका भेजा था, लेकिन आज वह बेटा उनके बीच नहीं रहा। पिता ने सरकार से अनुरोध किया है कि उनके बेटे का शव भारत लाया जाए ताकि उसका दाह संस्कार किया जा सके। अगर यह संभव नहीं होता, तो वे इमरजेंसी वीजा लगवाने का प्रयास करेंगे ताकि माता-पिता अमेरिका जाकर वहीं अंतिम संस्कार कर सकें। इस संबंध में सरकार से भी बातचीत की जा रही है।

इक्कम सिंह पिता रूपिंद्र सिंह के मुताबिक वह खेताबाड़ी करते हैं। बेटा 14 महीने पहले ही अमेरिका गया था। इसके लिए उन्होंने आधी जमीन बेच दी, ताकि घर के हालात सुधर सके। वह घर का इकलौता बेटा था। उसकी एक 19 वर्षीय बड़ी बहन नैनी भी है। हमें विश्वास नहीं है कि हमारे बेटे के साथ ऐसा हो सकता है। घर का इकलौता चिराग बुझ चुका है। घर की आर्थिक स्थिति इतनी ज्यादा मजबूत नहीं है कि बेटे का शव भारत लाया जा सके। उन्होंने लोगों से और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। बेटे का शव भारत आ जाता है तो उसका आखिरी बार चेहरा देख पाएंगे।

20 जून को डूबे थे कैथल के 2 युवक

बताया जा रहा है कि इस हादसे से 5 दिन पहले पहले, अमेरिका में नहाते वक्त कैथल जिला के मोहाना व पुंडरी गांव के 2 युवकों की भी झील में डूबने से मौत हो गई थी। दोनों युवक अपने अन्य दोस्तों के साथ वहां की झील में नहाने गए थे। नहाते हुए उनका पैर फिसल गया और वे पानी में बह गए।सचिन कुमार (22) करीब एक साल पहले लाखों रुपए लगाकर डंकी से अमेरिका पहुंचा था। तब से वह वहीं पर था। वहीं गांव मोहना का प्रगट सिंह (35) भी इसी झील में नहाते हुए बह गया।

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