बिहार के जमुई बदसलूकी मामले में पुलिस ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है. एक तरफ मामले की जांच सीआईडी कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ मुख्य आरोपी को पुलिस ने गोली मारी है. एडीजी (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान मुख्य आरोपी नंदन यादव भागने की कोशिश कर रहा था और उसने हमला कर दिया. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी है.
वहीं अब इस मामले की जांच की कमान सीआईडी ने अपने हाथों में ले ली है. बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सीआईडी की स्पेशल टीम जमुई में है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. इधर जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में साइबर थाने में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है. जिसमें 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई है.
पुलिस के मुताबिक, नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में मुख्य फरार आरोपी को टीम पकड़ने गई थी तभी मुठभेड़ हुई. इस घटना के मुख्य आरोपी दो युवक अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस ने बताया कि, दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. साथ ही पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई और अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है.
साइबर थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. प्रशासन द्वारा उन सभी 120 चिन्हित सोशल मीडिया अकाउंट्स और विभिन्न प्रोफाइलों से विवादित वीडियो को तुरंत हटाने के लिए सख्त टेक-डाउन नोटिस भी जारी किए गए हैं. सीआईडी की विशेष टीम अब इस पूरे मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ने में जुटी है.
एडीजी (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम ने सोमवार को बताया था कि ”एसआईटी का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई के एलडीपीओ कर रहे हैं. मामले में तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से दो की उम्र 17 से 18 साल के बीच बताई जा रही है. जमुई पुलिस स्टेशन में बीएनएसएस की धाराओं 128, 74 और 75 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, साथ ही बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं 8 और 12 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.”
”पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स को हटाने की कार्रवाई शुरू की है. साथ ही साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा वीडियो हटाने के लिए टेक-डाउन नोटिस जारी किए गए हैं. नाबालिग पीड़ित की पहचान या चेहरा उजागर करने वाली सामग्री फैलाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है और लोगों से अपील की कि वे वीडियो को शेयर या रीपोस्ट न करें.” – केएस अनुपम, एडीजी (कानून-व्यवस्था

जमुई की घटना को लेकर बिहार सरकार के एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने कहा कि ”जिस तरह से नाबालिग बच्ची के साथ घटना हुई है, वह बेहद पीड़ादायक है. इस घटना को लेकर पूरा बिहार मर्माहत है और उनके पास इस घटना को लेकर कहने के लिए शब्द नहीं हैं. पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. बिहार में कानून का राज है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, घटना में जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी.”
मड़वा पहाड़ी घूमने गए दोनों स्टूटेंड्स के साथ करीब 1 घंटे तक अभद्रता की गई। इस दौरान दोनों ने भागने के लिए कई बार संघर्ष किया। इस दौरान नंदन यादव छात्रा का पीछा करता है और उसे पीछे से पकड़ लेता है।
वीडियो में आरोपी छात्रा के साथ जबरदस्ती करता दिखाई देता है। पहले आरोपी ने छात्रा को पीछे से पकड़ा, इसके बाद वो उसके प्राइवेट पार्ट पर हाथ रखते हुए गोद में उठा लेता है।
ये हरकत देखकर छात्र तुरंत अपनी दोस्त को बचाने के लिए वहां पहुंचता है और उसे आरोपी के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश करता है। दोनों के बीच खींचतान होती है। छात्र किसी तरह अपनी दोस्त को छुड़ा लेता है।
इसके बाद भी आरोपी दोनों को परेशान करने और रोकने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। दोनों बच्चे लगातार वहां से निकलने की कोशिश करते रहते हैं।
