रोहतक, 4 जून : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने राजकीय व निजी महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व का विकास भी किया जाए । सभी महाविद्यालय वार्षिक योजना तैयार करें, जिसमें अलग-अलग कक्षाओं के लिए गतिविधियों की विस्तृत जानकारी हो। शिक्षा करियर उन्मुखी एवं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास पैदा करने वाली होनी चाहिए।
सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में सहायक आयुक्त प्रशिक्षु विशाल सिंह, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी तनुमय दत्ता तथा जिला में स्थित राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा प्रतिनिधि मौजूद रहे। सचिन गुप्ता ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के प्रावधान के अनुसार महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 120 घंटे की इंटर्नशिप करना अनिवार्य है। जिला में स्थित सभी विभागों को इस संदर्भ में पत्राचार कर सूचित किया जाये।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, इंटर्नशिप, फील्ड वर्क तथा सामुदायिक सहभागिता स्नातक विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य घटक हैं। महाविद्यालयों द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से विभिन्न विभागों में इन विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के लिए तैनात किया जायेगा ताकि विद्यार्थियों को विभिन्न जिला स्तरीय कार्यालयों में एक संरचित एवं पर्यवेक्षित 120 घंटे की इंटर्नशिप प्रदान की जा सके। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिला कार्यालयों को प्रशासनिक सहयोग प्रदान करना, विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान करना तथा विद्यार्थियों में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली की समझ विकसित करना है।
सचिन गुप्ता ने कहा कि अधिकारियों को कहा कि वे राजकीय व निजी महाविद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करें। विद्यार्थियों की रूची अनुसार सिविल सेवा व अन्य सरकारी सेवाओं की परीक्षाओं के लिए तैयारी करवाये। महाविद्यालयों का स्टाफ विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी स्वयं को तैयार करें तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस का भी विश्लेषण करें।
बैठक में सांपला राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. परम भूषण आर्य, सहायक प्रो. आशा, साक्षी मलिक राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्या मीनू नैन, वैश्य महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय गुप्ता, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सहायक प्रो. सुभाष बल्हारा के अलावा अन्य राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य/ प्रतिनिधि तथा निजी महाविद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
