नारनौल। हरियाणा के नारनौल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को शराब कारोबारी अंकुश गोयल के ठिकानों पर छापेमारी की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई दिसंबर 2025 में गुरुग्राम में पकड़े गए करीब 10 करोड़ रुपये के कथित अवैध विदेशी शराब मामले से जुड़ी बताई जा रही है। इस मामले की जांच के दौरान अंकुश गोयल का नाम सामने आया था।
बताया जाता है कि उस समय गुरुग्राम पुलिस ने अंकुश गोयल को राजस्थान के झुंझुनूं से गिरफ्तार किया था। हालांकि, मंगलवार को हुई ED की कार्रवाई के संबंध में जांच का दायरा, तलाशी लिए गए ठिकानों और बरामदगी को लेकर अभी तक आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
गुरुग्राम के शराब ठेके से मिली थीं 3,921 पेटियां
दिसंबर 2025 में गुरुग्राम पुलिस ने सिग्नेचर टावर स्थित ‘द ठेका’ नामक शराब की दुकान पर छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने विदेशी शराब की 3,921 पेटियां और 176 खुली बोतलें बरामद की थीं। बरामद शराब की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
जांच के दौरान शराब की बोतलों पर अनिवार्य होलोग्राम और ट्रैक-ट्रेस स्ट्रिप्स नहीं मिले थे। इससे शराब की वैधता और उसके स्रोत को लेकर सवाल उठे थे। पुलिस ने आबकारी नियमों के उल्लंघन सहित मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की थी।
शराब की दुकान में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई
मामले में अंकुश गोयल को ‘द ठेका’ का सह-मालिक बताया गया था। सामने आई जानकारी के अनुसार, दुकान में उसकी 25 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। वह नारनौल के गुरु नानक मोहल्ले का निवासी बताया गया है।
गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में दिसंबर 2025 के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा आबकारी विभाग के एक अधिकारी को निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। जनवरी 2026 में गुरुग्राम कोर्ट ने अंकुश गोयल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
गैंगस्टर चीकू से नजदीकियों की भी चर्चा
अंकुश गोयल का नाम पहले गैंगस्टर चीकू के साथ कथित कारोबारी संबंधों को लेकर भी चर्चा में रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी उसके घर पर जांच एजेंसियां कार्रवाई कर चुकी हैं। हालांकि, इन कथित संबंधों और मंगलवार की ED कार्रवाई के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ED की रेड से नारनौल में हलचल
मंगलवार को ED की टीम के पहुंचने के बाद नारनौल में हलचल रही। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एजेंसी ने किन-किन ठिकानों पर तलाशी ली, कौन से दस्तावेज या अन्य सामग्री जब्त की और किसी व्यक्ति से पूछताछ की गई या नहीं। ED की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद कार्रवाई की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।


