सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की बीजेपी सरकार न तो अपराध रोक पा रही है न नशे के काले कारोबार पर लगाम लगा पा रही है। कानून व्यवस्था चौपट होने के चलते नशा तस्करों की पहली प्राथमिकता हरियाणा है जहां उन्हें कोई भय नहीं है और वो निर्भीक होकर अपना धंधा चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी का सीधा संबंध रिकार्ड बेरोजगारी के चलते युवाओं में उपजी हताशा व निराशा से है। रिकार्ड बेरोजगारी से हताश युवा आज नशे की ओवरडोज से जान गंवा रहे हैं। कांग्रेस सरकार के समय जो युवा खिलाड़ी बनते थे अब बीजेपी राज में नशेड़ी बन रहे हैं। प्रदेश में घर-घर नशा पहुँच गया है, जगह-जगह खुलेआम ‘मौत का सामान’ बिक रहा है। गांवों में नशे का धंधा इस कदर फैल चुका है कि नशा बेचने वाले व्हाटसएप, इंस्टाग्राम, स्नैप चैट जैसे हाईटेक माध्यमों से अपना धंधा चला रहे हैं। यही नहीं, दवाई की दुकानों से भी नशीली दवाइयां, ड्रग और इंजेक्शन खरीद कर आए दिन हरियाणा के युवा ओवरडोज से मौत के मुंह में समा रहे हैं। नशा तस्करों ने हरियाणा के गांव से लेकर शहर तक को ‘नशे के ज़हर’ में डुबो दिया है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार नशा तस्करों पर लगाम कसने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि नशे की वजह से मौत के मामले में हरियाणा ने पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है। हर साल औसतन 47 से 50 युवा नशे या ओवरडोज के कारण दम तोड़ रहे हैं। सिरसा, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत और नूंह तो सिंथेटिक नशे के गढ़ बन चुके हैं। नशे के अलावा प्रदेश में जहरीली और नकली शराब से 2016 से 2022 तक करीब तीन दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। देश में कहीं भी अवैध शराब या शराब घोटाले का मामला पकड़ा गया तो उसके तार हरियाणा से जुड़े पाये गए। लेकिन ऐसा लगता है प्रदेश में सरकार नाम की चीज ही नहीं है।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बेरोजगारी से युवा हताशा में और हताशा से नशे और नशे से अपराध के चंगुल में फंस रहे हैं। प्रदेश में अन्डरऐज शूटर निकल रहे हैं, नये-नये गैंग पनप रहे हैं। प्रदेश में अफसर मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री नहीं मान रहे क्योंकि, उनको पता है कि लगाम कहीं और है। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा की STF ने बताया कि राज्य में 80 से अधिक संगठित आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं, जो कान्ट्रैक्ट किलिंग, ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त, अपहरण, फिरौती, जबरन वसूली, जेलों से संगठित अपराध जैसी खतरनाक गतिविधियों को बेरोकटोक अंजाम दे रहे हैं। आज सबसे ज्यादा संगठित अपराध हरियाणा में हो रहा है। पिछले 11 साल में बीजेपी ने प्रदेश को ऐसी बदतर हालत में पहुंचा दिया है कि अब हरियाणा में काम धंधा, नौकरी न होने की हताशा और निराशा में युवा अपनी जमीन-जायदाद बेचकर, लाखों रुपये कर्जा लेकर अवैध डंकी रूट से विदेश पलायन को मजबूर हो गए।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!