चमोली जनपद में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बदरीनाथ हाईवे उमट्टा में पहाड़ी से मलबा आने के चलते बाधित है, तो ज्योतिर्मठ क्षेत्र में 66 केवी की विद्युत लाइन पर फाल्ट आने से क्षेत्र में बिजली सप्लाई रात से ही ठप पड़ी है। उधर, भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। 

मौसम विभाग के भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर चमोली जनपद के सरकारी, अर्द्धसरकारी विद्यालयों में आज अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि पिटकुल की 66 केवी की विद्युत लाइन में फाल्ट आने से ज्योतिर्मठ क्षेत्र में विद्युत सप्लाई बाधित है।

फाल्ट को ढूंढा जा रहा है। बदरीनाथ हाईवे पर सुबह नंदप्रयाग के पर्थाडीप में करीब एक घंटे तक मलबा आने से हाईवे बाधित रहा। मार्ग अब खुल गया है। उमट्टा में मलबा हटाने का काम जारी है। वहीं  केदारनाथ जा रहे यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोका गया है।

प्रदेश में बारिश के बाद जगह-जगह मलबा आने से दो राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 50 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही चारधाम आने वाले तीर्थयात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक देहरादून जिले में लखवाड़ बैंड के पास किलोमीटर 26 में मलबा आने से विकासनगर-कालसी-बड़कोट राष्ट्रीय राजमार्ग में वाहनों की आवाजाही बंद है। जिले में तीन ग्रामीण सड़के भी बंद हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी जिले में ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग औजरी में बंद है। इस जिले में एक राज्यमार्ग और 11 ग्रामीण सड़के भी बंद हैं। रुद्रप्रयाग जिले में तीन ग्रामीण मार्ग, नैनीताल जिले में काठगोदाम-हैडाखान राज्यमार्ग, चमोली जिले में 13 ग्रामीण मार्ग, पिथौरागढ़ में सात, बागेश्वर में चार, पौड़ी में तीन और टिहरी जिले में दो ग्रामीण सड़के बंद हैं।

राज्य में आपदा से 143 भवनों को नुकसान हो चुका है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून के बाद से 133 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। आठ मकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा और दो मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा आपदा के कारण 21 लोगों की जान जा चुकी है और 11 घायल हुए। नौ लोग लापता है।

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